पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। दिनहाटा से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक उदयन गुहा को कोलकाता के फूलबागान इलाके से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि गिरफ्तारी के कारणों को लेकर अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।इसी बीच TMC में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को 19 जून को चर्चा के लिए बुलाया है। बैठक में TMC के 20 बागी सांसदों और उनके द्वारा किए गए विलय के दावे पर चर्चा होगी।
दरअसल, 14 जून को TMC के 20 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर एक पत्र सौंपा था। इसमें उन्होंने अपने गुट के नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की जानकारी दी थी। साथ ही लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग भी की थी। लोकसभा अध्यक्ष दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला लेंगे।
बताया जा रहा है कि अभिषेक बनर्जी को पहले भी बैठक के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह शामिल नहीं हो सके। उस समय वह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ में व्यस्त थे। 15 जून को लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय की ओर से उन्हें ईमेल भेजकर उसी दिन शाम 4 बजे दिल्ली में उपस्थित होने के लिए कहा गया था। TMC सांसद कीर्ति आजाद ने बाद में लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय पहुंचकर बताया कि अभिषेक बनर्जी ED की पूछताछ में शामिल हैं और बैठक में नहीं आ सकते। उन्होंने पार्टी की ओर से नई तारीख देने का अनुरोध किया था।
बागी सांसदों का दावा है कि उन्होंने NCPI में शामिल होकर दल-बदल विरोधी कानून की शर्तों को पूरा कर लिया है। संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुसार, यदि किसी दल के कम से कम दो-तिहाई सांसद किसी दूसरी पार्टी में शामिल हो जाते हैं, तो उसे वैध विलय माना जा सकता है। बागी गुट का कहना है कि उनके साथ 20 सांसद हैं, जिससे यह शर्त पूरी होती है।
वहीं TMC नेतृत्व इस दावे का विरोध कर रहा है। ऐसे में यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। त्रिपुरा की पार्टी NCPI ने बागी सांसदों का स्वागत किया है। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन सचिव शांतनु डे ने कहा कि वह पार्टी के विस्तार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप काम करने को लेकर उत्साहित हैं।