केंद्र सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर को मजबूती देने के लिए बजट 2026 में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने टेलीकॉम मंत्रालय के लिए कुल 73,990 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया है, जो पिछले साल के संशोधित 53,000 करोड़ रुपये के अनुमान की तुलना में करीब 38 फीसदी ज्यादा है। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल (BSNL) में पूंजी निवेश को बताया गया है।
इस बजट का एक बड़ा हिस्सा सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL के खाते में गया है। सरकार BSNL को फिर से पैरों पर खड़ा करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। इस बार बीएसएनएल के लिए सरकार ने 28,473 करोड़ रुपये के आवंटन का एलान किया है। सिंधिया ने बताया कि BSNL की हालत में काफी सुधार हुआ है।
बीएसएनएल की प्रति यूजर औसत कमाई (ARPU) 90 रुपये से बढ़कर 99 रुपये तक पहुंच गई है। अब लक्ष्य इसे 100 के पार ले जाने का है। इन पैसों का इस्तेमाल स्पेक्ट्रम की लागत, नए टावर लगाने, बेहतर मीडिया कनेक्टिविटी और पुरानी बैटरियों को बदलने जैसे कामों में होगा। सरकार चाहती है कि BSNL अपनी पुरानी चमक वापस पाए और निजी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे सके।
ग्रामीण भारत को डिजिटल बनाने की दिशा में 'भारतनेट' (BharatNet) परियोजना को लेकर भी बड़ा एलान हुआ है। इस मिशन के लिए 1,39,000 करोड़ रुपये का कुल आवंटन किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि देश के हर गांव में ब्रॉडबैंड की सुविधा हो, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा और रोजगार के नए मौके मिल सकें।
टेलीकॉम के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए भी सरकार ने दरियादिली दिखाई है। यहां के लिए बजट को 4,495 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 6,800 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिसका लक्ष्य इन प्रमुख क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देना होगा:
इलेक्ट्रिक बसें: शहरी विकास के लिए 4,000 नई ई-बसें चलाई जाएंगी।
टूरिज्म को बढ़ावा: 6 राज्यों में फैले 5 बौद्ध सर्किट विकसित किए जाएंगे, जिससे पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी।
बुनियादी सुविधाएं: स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश किया जाएगा।
मंत्री सिंधिया के मुताबिक, सरकार इस बार हर क्षेत्र में पूरी ताकत के साथ काम कर रही है, ताकि डिजिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भारत दुनिया का नेतृत्व कर सके।