सलमान खान फिल्म्स ने अपनी आगामी युद्ध-आधारित फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ को लेकर सामने आई उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC)से प्रमाणन प्राप्त करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रोडक्शन हाउस ने इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है।
इंस्टाग्राम पर जारी आधिकारिक बयान में सलमान खान फिल्म्स ने स्पष्ट किया कि फिल्म को अभी तक CBFC के पास प्रमाणन के लिए भेजा ही नहीं गया है। ऐसे में फिल्म के प्रमाणन में देरी या किसी तरह की आपत्ति संबंधी खबरों का कोई आधार नहीं है।
बयान में कहा गया, “यह दावा कि ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ को CBFC से जुड़ी किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है या इसके प्रमाणन को रोक दिया गया है, पूरी तरह गलत है। फिल्म को अभी तक प्रमाणन के लिए CBFC के समक्ष प्रस्तुत ही नहीं किया गया है। इसलिए इस तरह की सभी खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं।”
प्रोडक्शन हाउस ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की कि वे अपुष्ट और भ्रामक जानकारी प्रसारित करने से बचें। साथ ही कहा कि फिल्म से जुड़ा कोई भी आधिकारिक अपडेट केवल सलमान खान फिल्म्स के अधिकृत प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ही साझा किया जाएगा।
बयान में आगे कहा गया, “हम मीडिया और आम लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे बिना पुष्टि की गई जानकारी को साझा न करें। फिल्म से संबंधित सभी आधिकारिक जानकारियां केवल सलमान खान फिल्म्स के आधिकारिक चैनलों पर ही जारी की जाएंगी।”
सलमा खान द्वारा सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले निर्मित इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं। फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में नजर आएंगी।
गौरतलब है कि इस फिल्म का शुरुआती नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था, जिसे बाद में बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया गया। फिल्म वर्ष 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई गलवान घाटी संघर्ष की पृष्ठभूमि पर आधारित है।
फिल्म को पहले इसी वर्ष अप्रैल में रिलीज किया जाना था, लेकिन बाद में इसकी रिलीज टाल दी गई। निर्माताओं ने अभी तक नई रिलीज डेट की घोषणा नहीं की है।