लखनऊ में अवैध रूप से रह रहे बाहरी बांग्लादेशी की पहचान और सत्यापन को लेकर अभियान तेज कर दिया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उन निर्देशों के बाद शुरू हुई है, जिनमें उन्होंने प्रदेश में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे लोगों की जांच कर उन्हें विधिक प्रक्रिया के तहत वापस भेजने के आदेश दिए थे। प्रदेश पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से शहर के संवेदनशील और झोपड़ पट्टी वाले क्षेत्रों में दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। हजरतगंज और डालीबाग क्षेत्र में पुलिस टीमों ने जगह-जगह जाकर लोगों के आधार कार्ड, पहचान प्रमाण और संबंधित कानूनी दस्तावेज चेक किए।
पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को बिना पहचान व दस्तावेज के अपने यहां रहने न दें। बिना जानकारी के अवैध रूप से रह रहे लोगों की मदद करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। सीएम के निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश की पुलिस और खुफिया इकाइयां सक्रिय हो गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान सुरक्षा व्यवस्था और पहचान सत्यापन की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।