असम में गुवाहाटी के बाहरी इलाके सोनापुर में शनिवार को कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को लोगों ने जाने से रोक दिया, जहां दो दिन पहले बेदखली अभियान के दौरान पुलिस गोलीबारी में दो लोग मारे गए थे।
कोचुटोली गांव में बांग्ला भाषी मुस्लिमों को बेदखल करने का अभियान गुरुवार को उस समय हिंसक हो गया था, जब अतिक्रमणकारियों के एक वर्ग ने कथित तौर पर अधिकारियों पर तेज हथियारों और पत्थरों से हमला कर दिया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोलियां चलाईं, जिसमें दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई।
शनिवार को विपक्षी दल के कई विधायक और नेता स्थानीय लोगों से मिलने के लिए कोचुटोली गांव गए थे, लेकिन आदिवासी लोगों के समूह ने उन्हें वहां पहुंचने से पहले रोक दिया। कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक जाकिर हुसैन सिकदर ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा, "संविधान एक रूल बनाया है, उस रूल के तहत अगर एविक्शन करना होगा। उसको रूल का तहत किसी को एविक्शन करना होगा तो उसके कहां बैठाना है। उसे देखना होगा। कोई भी चीज रूल के हिसाब से होना चाहिए। हम कांग्रेस पार्टी के लोग ट्राइबल के अधिकारों के लिए हमेशा से लड़ते रहे हैं लेकिन जिस तरह से लोगों को बेदखल किया जा रहा है, हम उसको कभी सपोर्ट नहीं करते हैं।"
वहीं पुलिस ने कहा कि लगभग 300 परिवार अवैध रूप से बसे हुए थे और अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू होने के बाद से 151 परिवारों को बेदखल कर करके 248 बीघे जमीन खाली कराई गई है।