केदारनाथ धाम से लौट रहे करीब 40 श्रद्धालु अचानक भूस्खलन के दौरान सोनप्रयाग स्लाइड जोन में फंस गए, जिन्हें राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम ने रात लगभग 10 बजे एक तेज और हाई-रिस्क रेस्क्यू ऑपरेशन कर सुरक्षित निकाला। सोनप्रयाग के भूस्खलन क्षेत्र में भारी बारिश के बीच देर रात अचानक मलबा गिरने से तीर्थयात्रियों का मार्ग अवरुद्ध हो गया। SDRF की टीम को घटना की सूचना मिलते ही तुरंत भेजा गया। उन्होंने मलबे को हटाकर इमरजेंसी रास्ता बनाया और सभी 40 श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
उत्तराखंड में मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका रहती है। प्रशासन ने भी चारधाम यात्रा पर एक दिन का स्थगन लगाया था, ताकि तीर्थयात्रियों को सुरक्षित व्यवस्था के तहत यात्रा करवाई जा सके। केदारनाथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की रात के अंधेरे में SDRF द्वारा सुरक्षित बचाव न केवल एक सटीक आपदा प्रतिक्रिया का उदाहरण है, बल्कि मानसून में यात्रा की चुनौतियों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का प्रमाण भी है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया कि प्रशासन और सुरक्षा बलों की सतर्कता तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सेंटर स्टेज पर है।