हरियाणा में करनाल के भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान में गेहूं की दो नई किस्में विकसित की गई हैं। इनका नाम डीबीडब्ल्यू 386 और डीबीडब्ल्यू 443 रखा गया है। इन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों के वातावरण के अनुरूप विकसित किया गया है। उम्मीद है कि इन किस्मों से प्रति हेक्टेयर 50 क्विंटल गेहूं की उपज होगी।
संस्थान ने बताया कि नई किस्मों में ना सिर्फ खास गुण हैं, बल्कि वे किसानों के लिए भी फायदेमंद हैं। दोनों किस्में अगले कुछ सालों में किसानों के लिए उपलब्ध हो जाएंगी।