Breaking News

यूपी: विधानसभा में CM योगी बोले- विपक्ष को लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं     |   बांकीपुर हार के बाद दिल्ली में पीएम मोदी से मिले नीतीश कुमार     |   पंजाब उद्योग भवन में ED की रेड, संजीव अरोड़ा से जुड़े मामले में कार्रवाई     |   दतिया में उपचुनाव में मिली हार के बाद शिवराज सिंह चौहान से मिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी     |   यूपी विधानसभा में ₹59,019 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश     |  

कॉमनवेल्थ गेम्स में इतिहास रचने वाले जुडोका अस्मिता डे और हर्ष सिंह का दिल्ली एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खेलों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के बाद जुडोका अस्मिता डे और हर्ष सिंह का मंगलवार रात दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। दोनों खिलाड़ियों ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। स्वर्ण पदक विजेता भारतीय जुडोका हर्ष सिंह ने कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य आने वाले महीनों में जापान में होने वाले एशियन गेम्स में हिस्सा लेना और देश के लिए पदक जीतना है।

हर्ष सिंह ने कहा, "स्वर्ण पदक जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। मेरा अगला लक्ष्य एशियन गेम्स है।" उन्होंने अपने पदक को अपने परिवार, दोस्तों, कोच और पूरे भारत को समर्पित किया। 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम जूडो वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

अस्मिता डे ने अपनी ऐतिहासिक जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि भारत ने पहली बार जूडो में दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे जूडो खेलें और इस खेल में आगे आएं। उन्होंने कहा, "मुझे स्वर्ण पदक जीतना था और इसलिए मुझे जीतना ही था।"

हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम जूडो वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को 10-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। वहीं, अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में कनाडा की हेइडी क्वाच को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले सेमीफाइनल में उन्होंने स्कॉटलैंड की सुमेर शॉ को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

त्रिपुरा में जन्मी अस्मिता डे का सफर संघर्ष और दृढ़ संकल्प से भरा रहा है। 22 मार्च 2003 को जन्मीं अस्मिता ने आर्थिक परेशानियों और निजी चुनौतियों का सामना करते हुए भारतीय जूडो में अपनी अलग पहचान बनाई। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने भारतीय जूडो के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वहीं, हर्ष सिंह की स्वर्णिम जीत ने भी भारतीय जूडो के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है। दोनों खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया।