जम्मू और श्रीनगर के बीच चलने वाली 20 डिब्बों वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव गुरुवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। आम जनता के लिए ये सेवा दो मई से शुरू होगी। श्रीनगर और जम्मू के बीच सीधी रेल सेवा से जम्मू कश्मीर की दोनों राजधानियों के बीच यात्रा का समय कम होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही हर मौसम में चलने वाला सड़क परिवहन संपर्क भी उपलब्ध होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह जून, 2025 को कटरा और श्रीनगर के बीच पहली सीधी रेल सेवा का उद्घाटन किया था। अब इस सेवा को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन तक बढ़ाया जा रहा है। कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली 28,000 करोड़ रुपये की रेल परियोजना पर काम 1990 के दशक के बाद के दौर में शुरू हुआ था और कश्मीर घाटी में पहली ट्रेन अक्टूबर 2008 में चली थी।
हालांकि 2005 तक ट्रेन सेवा उधमपुर तक पहुंच गई थी, लेकिन पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के दुर्गम भूभाग के कारण 2025 तक घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ना मुश्किल बना रहा। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस और 20 डिब्बों वाली पहली वंदे भारत ट्रेन गुरुवार को कुल 267 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। ये ट्रेन सेवा सप्ताह में छह दिन जम्मू से श्रीनगर और श्रीनगर से जम्मू के बीच चलेगी। मंगलवार को इस मार्ग पर कोई ट्रेन सेवा नहीं होगी।