Breaking News

ईरान से क्रूड ऑयल खरीद के लिए जापान के ऑयल खरीदरों ने बातचीत की     |   'भक्ति का दिखावा, लूट का पेशा... यही RSS का असली चेहरा', पवन खेड़ा का X पोस्ट     |   मोनाको ब्लास्ट केस: इंटरपोल ने संदिग्ध महिला की पहचान की, यूक्रेनी टाइकून था टारगेट     |   पीएम मोदी 6 से 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड का दौरा करेंगे     |   चढ़ावा चोरी केस: आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने कराई थी भव्य राम कथा, ₹50 लाख खर्च का दावा     |  

इंदौर में सड़क पर रहने वाले कुत्ते की मनाई गई तेरहवीं, परोसा गया जलेबी-दूध-रोटी

Madhya Pradesh: उसके पास छत नहीं थी, कोई औपचारिक नाम नहीं था, ना कोई उसका मालिक था। फिर भी वो सैकड़ों दिलों पर राज करता था। वो मध्य प्रदेश में इंदौर के विजय नगर के लोगों का चहेता था। सड़क को ही अपना घर बनाने वाले इस भरोसेमंद कुत्ते को लोग प्यार से कालू बुलाते थे। कालू नहीं रहा। लोगों को भारी दुख पहुंचा। कालू को सम्मान देने के लिए उन्होंने अनूठा फैसला किया और उनकी तेरहवीं मनाई, जो अमूमन इंसानों के लिए मनाई जाती है।

दूध, रोटी, पनीर, जलेबी, पेडिग्री, दही और छाछ कालू के पसंदीदा थे। तेरहवीं की दावत में सबकुछ परोसा गया। कालू लगभग 15 साल तक मोहल्ले की रखवाली करता रहा। कई लोगों के लिए सड़क पर चलते-फिरते अभिभावक की भूमिका निभाता रहा।

लोगों ने बताया कि कुत्ते बेशक बोल नहीं पाते, लेकिन समझते सबकुछ हैं। जब वो छोड़ कर चले जाते हैं तो दिल के टुकड़े-टुकड़े कर डालते हैं। कालू हर परिवार का ख्याल रखता था और बदमाशों को खदेड़ भगाता था। यही वजह थी कि उसे हर किसी से प्यार और सम्मान मिलता रहा।