भारतीय नौसेना के डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट (DSC) प्रोजेक्ट के तहत पांचवां जहाज DSC A24 शनिवार को कोलकाता में सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। इसे भारतीय नौसेना और 'मेक इन इंडिया' अभियान के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जहाज को कोलकाता स्थित टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (TRSL) में लॉन्च किया गया। इस मौके पर भारतीय नौसेना के चीफ ऑफ पर्सनेल वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह भी मौजूद रहे। जहाज को नौसेना की परंपराओं के अनुसार लॉन्च किया गया।
DSC A24 को TRSL ने इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (IRS) और नौसेना के नियमों के अनुसार तैयार किया है। यह जहाज कैटामरैन-हुल डिजाइन का है और इसका वजन करीब 300 से 400 टन है। DSC A24 में आधुनिक डाइविंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसे समुद्र में अलग-अलग ऑपरेशनल डाइविंग मिशन के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। नौसेना के अनुसार, यह जहाज भारत की स्वदेशी तकनीक और इंजीनियरिंग क्षमता को दर्शाता है और नौसेना की समुद्री डाइविंग क्षमता को मजबूत करेगा।
वहीं, इंडियन नेवल एकेडमी (INA), एझिमाला में भी 1 अगस्त को नए कमांडेंट ने कार्यभार संभाला। वाइस एडमिरल आलोक आनंदा ने इंडियन नेवल एकेडमी के 13वें कमांडेंट के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने वाइस एडमिरल मनीष चड्ढा की जगह ली है। उनके कार्यकाल के दौरान एकेडमी में बेहतर प्रशिक्षण और पेशेवर क्षमता पर खास जोर दिया गया।
वाइस एडमिरल आलोक आनंदा ने तीन दशकों से ज्यादा समय तक भारतीय नौसेना में सेवाएं दी हैं। उन्होंने INS घोरपड़ और INS सतपुड़ा की कमान संभाली है। इसके अलावा उन्होंने NDA खड़गवासला, नेविगेशन एंड डायरेक्शन स्कूल कोच्चि और DSSC वेलिंगटन में प्रशिक्षक के रूप में भी काम किया है। कमांडेंट बनने से पहले वाइस एडमिरल आलोक आनंदा विशाखापत्तनम स्थित ईस्टर्न फ्लीट के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग के पद पर तैनात थे।