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ग्रामीण सड़क विकास में उत्कृष्ट कार्य के लिए हिमाचल प्रदेश को मिलेगा राष्ट्रीय PMGSY सम्मान

हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने गुरुवार को कहा कि ग्रामीण सड़क ढांचे को मजबूत करने में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य सरकार को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) सम्मान के लिए चुना गया है। उन्होंने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के कारण हिमाचल प्रदेश को यह राष्ट्रीय सम्मान मिल रहा है। यह सम्मान समारोह 9 मई को मध्य प्रदेश में आयोजित होगा।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा, “हिमाचल प्रदेश में करीब 46 हजार किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है, जिसमें से 23,500 किलोमीटर सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई हैं। हमारी प्राथमिकता हमेशा ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर संपर्क सुविधा पहुंचाने की रही है। यह सम्मान हमारे लोक निर्माण विभाग के काम का प्रमाण है।”

इससे पहले 26 अप्रैल को विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र सरकार के सामने 5,400 करोड़ रुपये की शहरी विकास योजना पेश की थी। नई दिल्ली में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य के लिए 1,100 से 1,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी देने का आश्वासन मिला था।

बैठक में शहरी चुनौती कोष (Urban Challenge Fund) और पहाड़ी राज्यों में शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हुई। विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए केंद्र से 1,350 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी की मांग की। उन्होंने बताया कि राज्य का 90 प्रतिशत हिस्सा पहाड़ी है और यहां हर साल करीब 1.45 करोड़ पर्यटक आते हैं।

उन्होंने पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष छूट देने की भी मांग की, खासकर 50 प्रतिशत बाजार फंडिंग की अनिवार्यता को कम करने पर जोर दिया। बैठक में शिमला के भीड़भाड़ वाले इलाकों को व्यवस्थित करने, हाइड्रोलिक पार्किंग सिस्टम विकसित करने, भूमिगत यूटिलिटी डक्ट बनाने और कांगड़ा एयरोसिटी जैसे नियोजित शहरी टाउनशिप विकसित करने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों के मुताबिक, इन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्यटन के बढ़ते दबाव के बीच हिमाचल प्रदेश में शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।