इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस सोमवार को मध्य पूर्व से आने-जाने वाली 48 निर्धारित और गैर-निर्धारित उड़ानें संचालित करेंगी। दोनों एयरलाइंस जेद्दा और मस्कट के लिए अपनी निर्धारित उड़ानें संचालित करेंगी, जिनमें भारतीय शहरों और जेद्दा के बीच कुल 10 उड़ानें शामिल हैं। एयर इंडिया दिल्ली और मुंबई से एक-एक वापसी उड़ान संचालित करेगी, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस बेंगलुरु, कोझिकोड और मंगलौर से एक-एक उड़ान संचालित करेगी।
एयर इंडिया ने विज्ञप्ति में कहा कि एयर इंडिया एक्सप्रेस मस्कट से आने-जाने वाली 12 निर्धारित उड़ानें संचालित करेगी, जिनमें दिल्ली, कन्नूर, मुंबई और तिरुवनंतपुरम से एक-एक उड़ान और कोच्चि से दो उड़ानें शामिल हैं। इससे पहले दिन में, इंडिगो ने कहा कि दुबई में उड़ान संचालन को और प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिसके कारण 15 से 17 मार्च के बीच उसकी कुछ निर्धारित सेवाएं प्रभावित हुई हैं। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच मध्य पूर्व में हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के चलते कई एयरलाइनों ने अपना संचालन कम कर दिया है।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के दौरान ईरान द्वारा अपने हमलों का दायरा और व्यापक करने की धमकी दिए जाने के बीच अरब खाड़ी देशों ने रविवार को अपने ऊपर मिसाइल और ड्रोन हमलों की सूचना दी। इजराइल और अमेरिका ने 28 फरवरी को यह कहते हुए ईरान पर हमला किया था कि वे ईरान के परमाणु व सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं और ईरान के लोगों से भी अपने नेताओं के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया था। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और फारस की खाड़ी के आसपास के पड़ोसी देशों पर हमले किए।
इस संघर्ष के कारण वैश्विक विमानन सेवाएं अस्त-व्यस्त हो गई हैं, तेल निर्यात बाधित हुआ है और दुनियाभर में ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि तेल व गैस के निर्यात पर निर्भर देश हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत भेजेंगे। हालांकि रविवार तक किसी भी देश ने इसके लिए प्रतिबद्धता नहीं जताई, लेकिन कुछ देशों ने कहा कि वे इस पर विचार कर रहे हैं। इजराइल ने कहा कि उसने रविवार को भी ईरान पर हमले जारी रखे।
इससे पहले, ईरान ने लोगों से संयुक्त अरब अमीरात के तीन बंदरगाहों को खाली करने का आग्रह किया था। ईरान ने पश्चिम एशिया के सबसे व्यस्त बंदरगाह और संयुक्त अरब अमीरात के दो अन्य बंदरगाहों को खाली करने का आह्वान किया। यह पहली बार है जब ईरान ने किसी पड़ोसी देश की गैर-अमेरिकी परिसंपत्तियों पर हमले की खुले तौर पर धमकी दी। ईरान ने कोई साक्ष्य दिए बिना कहा कि अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात के मुख्य टर्मिनल वाले खार्ग द्वीप पर हमला करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात में बंदरगाहों, डॉक और ठिकानों का इस्तेमाल किया।