कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से पहले राज्य की सियासत गरमा गई है। वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेता और मंत्री शशि पांजा के घर पर हुए कथित हमले के मामले में अब चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने कोलकाता पुलिस से इस घटना पर विस्तृत और पूरी जानकारी वाली रिपोर्ट मांगी है। बुधवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले दी गई रिपोर्ट अधूरी थी और उसमें कई अहम तथ्यों का अभाव था।
चुनाव आयोग के अनुसार, शुरुआती रिपोर्ट में घटनाक्रम का पूरा विवरण और महत्वपूर्ण इनपुट शामिल नहीं थे। ऐसे में आयोग ने अब एक व्यापक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं, जिसमें घटना की टाइमलाइन, पुलिस की भूमिका और पहले से मिले खुफिया इनपुट का पूरा ब्यौरा हो। यह पूरा मामला उत्तर कोलकाता के गिरिश पार्क इलाके से जुड़ा है, जहां बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के बीच झड़प हुई थी। इसी दौरान मंत्री के आवास पर हमले की घटना सामने आई।
चुनाव आयोग ने यह भी जानना चाहा है कि राज्य में तैनात केंद्रीय बलों का इस्तेमाल इस घटना के दौरान क्यों नहीं किया गया। आयोग यह जांच कर रहा है कि स्थानीय पुलिस ने अकेले स्थिति को क्यों संभाला, जबकि केंद्रीय बल मौजूद थे। इस मामले में पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों ही पक्ष (तृणमूल कांग्रेस और भाजपा) की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है, जिससे मामला और ज्यादा संवेदनशील बन गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होने हैं। चुनाव आयोग पहले से ही सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सतर्क है।