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ED ने कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर के आवास पर मारा छापा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम कोलकाता पुलिस के डिप्टी पुलिस कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास के फ्लैट पर छापेमारी कर रही है। उनका फ्लैट बल्लीगंज में फर्न रोड पर है। इसके साथ ही ईडी की टीम सन एंटरप्राइज के मैनेजिंग डायरेक्टर जॉय कामदार के बेहाला स्थित आवास पर छापेमारी कर रही है। ईडी की टीम ने आज सुबह 6.30 बजे शांतनु सिन्हा बिस्वास और जॉय कामदार के आवास पर छापेमारी के लिए पहुंची। शांतनु सिन्हा बिस्वास लंबे समय तक कालीघाट पुलिस स्टेशन के इंचार्ज थे। रविवार सुबह ED अधिकारियों के उनके घर पहुंचने के बाद पूछताछ शुरू हुई। इससे पहले इस पुलिस अधिकारी को कोयला घोटाले में दिल्ली बुलाया गया था।

ईडी ने अब तक 3 परिसरों पर छापेमारी की है। इसमें 2 शांतनु सिन्हा बिस्वास के और 1 जॉय कामदार के आवास पर की गई है। ये पूरा मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) केस से जुड़ा हुआ है। ईडी की यह कार्रवाई सोना पप्पू नाम के एक स्थानीय अपराधी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले से जुड़ी है, जिस पर हत्या के प्रयास और जबरन वसूली के आरोपों में कई मामले दर्ज हैं।

पप्पू का दक्षिण कोलकाता के प्रमुख इलाकों कस्बा और बल्लीगंज में दबदबा है। उस पर विभिन्न आरोपों को लेकर कई एफआईआर दर्ज हैं। फरवरी में हुए गोलपार्क गैंगवार में भी वह मुख्य आरोपी है, लेकिन कोलकाता पुलिस से लगातार बचता आ रहा है। अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि पप्पू निर्माण कंपनियों से करोड़ों रुपये की उगाही करता था, जिसे वह प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाता था। ईडी ने इस मामले में 1 अप्रैल को तलाशी का पहला दौर चलाया था। इसके बाद ईडी ने तलाशी के दौरान कुछ परिसरों से 1.47 करोड़ रुपये नकद, 67.64 लाख रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषण और एक देसी रिवॉल्वर जब्त की थी।

यह जांच कोलकाता पुलिस द्वारा पप्पू के खिलाफ दंगा करने, हत्या का प्रयास करने, आपराधिक साजिश रचने और शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन में संलिप्तता के आरोप में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई है। ईडी ने 9 अप्रैल को एक बयान में कहा कि पप्पू समेत आरोपी पश्चिम बंगाल राज्य में संगठित आपराधिक गिरोह की गतिविधियों में शामिल थे और गिरोह के संचालन के माध्यम से अवैध रूप से धन जुटाते थे। ईडी ने पप्पू को समन जारी किया है, लेकिन एजेंसी के अनुसार वह अभी तक जांच में शामिल नहीं हुआ है।