भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दिलीप जायसवाल ने शुक्रवार को बिहार के नए राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया।पदभार संभालने के बाद दिलीप जायसवाल ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में सेवाओं की पारदर्शी, भ्रष्टाचारमुक्त और प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी।
उन्होंने कहा, “राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एक चुनौतीपूर्ण विभाग है और हमारा प्रयास रहेगा कि आम जनता को सेवाएं बेहतर तरीके से मिलें। बिहार की 70 प्रतिशत आबादी राजस्व विभाग पर निर्भर है। मेरा लक्ष्य होगा कि लोगों को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी गलत काम करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारी लंबित जनहित कार्यों को पूरा करने के लिए दिन-रात काम करेंगे।”
गुरुवार को बिहार सरकार में बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार हुआ, जिसमें वरिष्ठ नेताओं और कई नए चेहरों सहित 32 मंत्रियों को पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया। यह विस्तार भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार बनने के बाद किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रचंड जनादेश मिलने के बाद प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल का विस्तार किया।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसे सत्तारूढ़ गठबंधन के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा गया। मंत्रिमंडल विस्तार के तहत भाजपा के 15, जनता दल (यूनाइटेड) के 13, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 2, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के 1 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 1 नेता को मंत्री बनाया गया।
भाजपा कोटे से शपथ लेने वालों में राम कृपाल यादव, केदार गुप्ता, नितिश मिश्रा, मिथिलेश तिवारी, रामा निषाद, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, प्रमोद चंद्रवंशी, लखविंदर पासवान, संजय सिंह (टाइगर), इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र, नंद किशोर राम, रामचंद्र प्रसाद, अरुण शंकर प्रसाद और श्रेयसी सिंह शामिल हैं। जदयू कोटे से निशांत कुमार, श्रवण कुमार, मदन सहनी, लेसी सिंह, श्वेता गुप्ता, भगवान सिंह कुशवाहा, दामोदर रावत और बुलो मंडल ने शपथ ली। मंत्रिमंडल विस्तार की सबसे चर्चित बात पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जदयू नेता निशांत कुमार का मंत्री बनना रहा। इसके साथ ही उन्होंने सक्रिय राजनीति और मंत्री पद की जिम्मेदारियों में औपचारिक प्रवेश किया।