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मणिपुर में भारी बारिश और ओलावृष्टि से तबाही, बिष्णुपुर में फसलें बर्बाद

मणिपुर में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश और ओलावृष्टि ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। राज्य के बिष्णुपुर जिले को इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में माना जा रहा है। बागवानी और मृदा संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने सुनुसिफाई और फुबाला सहित कई प्रभावित इलाकों का दौरा कर नुकसान का आकलन किया। जिला बागवानी एवं मृदा संरक्षण अधिकारी सोइबाम सुषिला चानू ने बताया कि हाल ही में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण कई क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा है और विभाग इसकी जांच कर रहा है।

उन्होंने बताया कि यह सर्वेक्षण मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के निर्देश पर और विभाग के आयुक्त व निदेशक की निगरानी में किया जा रहा है। शुरुआती आकलन के अनुसार बिष्णुपुर जिले में 30 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है। अधिकारियों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिन किसानों के खेतों का निरीक्षण नहीं हो पाया है, उनसे अपने नुकसान की GPS लोकेशन के साथ फोटो जमा कराने को कहा गया है।

स्थानीय वार्ड सदस्य वेयरप्पम हेमाबती ने बताया कि इलाके के किसानों को भारी नुकसान हुआ है, क्योंकि उन्होंने कद्दू, तरबूज, खरबूजा और अन्य मौसमी सब्जियां उगाई थीं। कई किसानों ने खेती के लिए बैंक से कर्ज लिया था, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है। ओलावृष्टि और तेज तूफान से बिष्णुपुर जिले के थंगा विधानसभा क्षेत्र में भी करीब 10 घरों को नुकसान पहुंचा है। थंगा निवासी ओइनाम सुहोदेवा ने बताया कि तेज हवा और तूफान के कारण रात करीब 2 बजे उनके घर की दीवारों में लगे जीआई शीट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

घटना के बाद एसडीओ कार्यालय के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों को चावल, दाल और खाना बनाने का तेल जैसे राहत सामग्री उपलब्ध कराई। स्थानीय विधायक ने भी प्रभावित परिवार को 10,000 रुपये और जीआई शीट के तीन बंडल सहायता के तौर पर दिए। फिलहाल अधिकारी प्रभावित गांवों में नुकसान का आकलन कर रहे हैं, जबकि किसान और स्थानीय लोग सरकार से और राहत व मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।