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DMK ने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का किया स्वागत, शांति बनाए रखने की अपील की

Tamil Nadu: तमिलनाडु में डीएमके ने भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी रोकने के लिए बनी सहमति का रविवार को स्वागत किया और शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन आतंकी हमले या भारत की कार्रवाई पर कुछ नहीं कहा।

डीएमके प्रवक्ता टी. के. एस. एलंगोवन ने कहा, "मशीनों ने इंसानों की जगह ले ली है। आगे चलकर एआई इंसानों की जगह ले लेगा। जब आपके अंदर ही एआई और दूसरी तकनीक जैसे दुश्मन हों तो आपस में क्यों लड़ना? जो भी हो, अच्छी बात है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने भी संघर्ष विराम के लिए कहा और दोनों देशों के सेनाओं के प्रमुखों ने विचार-विमर्श के बाद संघर्ष विराम करने का फैसला किया। ये अच्छा फैसला था।"   

राज्य बीजेपी ने आतंकवाद का जवाब देने के अपने रुख पर कायम रही, लेकिन पाकिस्तान के उकसाने पर संघर्ष की भी बात की। बीजेपी के राज्य उपाध्यक्ष नारायणन तिरुपति ने पीटीआई वीडियो से कहा, "अपनी रक्षा के लिए हमने पाकिस्तान के 11 हवाई ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान भारत से लड़ने में असमर्थ था, इसलिए उसने ये अनुरोध किया। फिर भी एक बात साफ है कि बेशक भारत संघर्ष नहीं चाहता, लेकिन अगर हम पर हमला होगा तो हम चुप नहीं बैठेंगे। सरकारी सूत्रों के मुताबिक 12 मई को भी दोनों सेनाओं के बीच बातचीत होनी है। अगर पाकिस्तान शांत रहता है तो ये उनके लिए अच्छी बात है, अन्यथा उनके लिए बुरा होगा, भारत के लिए नहीं। हम शांति चाहते हैं, लेकिन सिर झुका कर नहीं।" 

22 अप्रैल को पहलगाम हमले से लेकर 7 मई को भारत की जवाबी कार्रवाई तक डीएमके सरकार ने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के ट्वीट के अलावा सीमा के तनाव पर शायद ही कोई टिप्पणी की हो। शनिवार शाम को मुख्यमंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों के साथ एकजुटता के प्रतीक के रूप में मरीना बीच पर मौन मार्च का नेतृत्व किया।