भारत के पहले सरकारी 450 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी बाल अस्पताल का उद्घाटन 28 मार्च को बेंगलुरू में इंदिरा गांधी बाल स्वास्थ्य संस्थान में कर्नाटक के चिकित्सा शिक्षा मंत्री शरणप्रकाश आर. पाटिल द्वारा किया गया। इंदिरा गांधी बाल स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक डॉ. संजय ने कहा, "हमने बाल चिकित्सा स्वास्थ्य देखभाल को उन्नत बनाया है, न केवल कर्नाटक के बच्चों के लिए बल्कि अन्य राज्यों के बच्चों के लिए भी। यहां हमारे पास ऑन्कोलॉजी, मेडिसिन, सर्जरी, डर्मेटोलॉजी, एनेस्थीसिया आदि के बाल चिकित्सा विभाग हैं। अस्पताल में लगभग दो लाख बच्चों का इलाज होता है और 20,000 से 25,000 बच्चे भर्ती होते हैं और उनका इलाज इन-पेशेंट के रूप में किया जाता है।"
अस्पताल के महज 150 बिस्तरों से 450 बिस्तरों तक के सफर को याद करते हुए डॉ. संजय ने बताया कि लगभग 450 से 500 बिस्तरों के और जुड़ने से ये 950 बिस्तरों वाला अस्पताल बन जाएगा, जो देश में अपनी तरह का पहला अस्पताल होगा। अस्पताल की नई इमारत आठ मंजिला है। प्रत्येक मंजिल पर अलग-अलग विशेषज्ञता है।
इस बारे में बताते हुए डॉ. संजय ने कहा, "आठवीं मंजिल पर हमारा हेमेटो-ऑन्कोलॉजी विभाग है, जहां हम बोन मैरो ट्रांसप्लांट विभाग शुरू कर रहे हैं। हम पहले से ही अस्पताल में कैंसर से पीड़ित 600 से 700 बच्चों का इलाज कर रहे हैं...सातवीं मंजिल पर हम रीनल और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी ट्रांसप्लांट सेवाएं शुरू करने की योजना बना रहे हैं। इसी मंजिल के दूसरे हिस्से में हमारा नेफ्रोलॉजी विभाग है...हम बाल रोगियों के लिए डायलिसिस उपचार भी शुरू कर रहे हैं। पांचवीं मंजिल पर हमने अत्याधुनिक आईसीयू सिस्टम स्थापित किया है, जहां हमारे पास गंभीर देखभाल सेवाओं के लिए 50 बिस्तर हैं। हम इसी मंजिल पर उन्नत उपचार भी शुरू कर रहे हैं..." ।