Breaking News

BRICS 2026 कारकेड रिहर्सल को लेकर दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी     |   मुंबई में महंगाई का डबल अटैक... महंगी हुई CNG-PNG, ऑटो और काली-पीली टैक्सी का किराया भी बढ़ा     |   हिमाचल: नालागढ़ पुलिस स्टेशन IED ब्लास्ट केस में 3 और गिरफ्तार, NIA के शिकंजे में अब 6 आरोपी     |   यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूसी एयर स्ट्राइक, 3 की मौत; 5 घायल     |   होर्मुज स्ट्रेट में टैंकर पर हमला, 3 अज्ञात प्रोजेक्टाइल से टकराने की खबर     |  

बदल गया कांग्रेस का मुख्यालय, अब इंदिरा भवन से चलेगी देश की सबसे पुरानी पार्टी

New Delhi: देश की सबसे पुरानी सियासी पार्टी कांग्रेस का पता अब बदल गया है। कांग्रेस का मुख्यालय 24, अकबर रोड की जगह अब इंदिरा गांधी भवन हो गया है। 1978 से कांग्रेस का मुख्यालय लुटियंस दिल्ली में 24, अकबर रोड था। इतने लंबे वक्त में 24, अकबर रोड की अहमियत कांग्रेस के लिए एक पते से भी ज्यादा हो गयी थी।

24 अकबर रोड कांग्रेस की विरासत तो बना ही, इसके साथ ही देश के कई बड़े फैसलों की नीति भी इसी बंगले में बनी। कांग्रेस का नया मुख्यालय अब नौ-ए, कोटला रोड हो गया है। देश की सियासत में बुरा वक्त देख रही कांग्रेस को नए मुख्यालय से कुछ नया और अच्छा होने की उम्मीद है।

24 अकबर रोड का नाता देश और कांग्रेस के इतिहास से जुड़ा है। सर एडविन लुटियंस के बनाए 24, अकबर रोड बंगले को पहले बर्मा हाउस कहा जाता था। ये सर रेजिनाल्ड मैक्सवेल और आंग सान सू की के परिवार का आशियाना भी रहा।। 

1978 में इंदिरा गांधी ने सियासी उठा-पटक के बीच 24 अकबर रोड को कांग्रेस का मुख्यालय बनाया। इन पांच दशकों में 24 अकबर रोड ने हर तरह का दौर देखा। 1980 में इंदिरा गांधी की सत्ता में वापसी से लेकर 2004 और 2009 के आम चुनावों की जीत का जश्न इसी बंगले में मना। अच्छे वक्त के साथ साथ 24 अकबर रोड ने 2019 और 2024 में करारी हार भी देखी। 

नए मुख्यालय इंदिरा गांधी भवन से कांग्रेस को नई शुरुआत की उम्मीद है। नए मुख्यालय का उद्घाटन सोनिया गांधी ने किया और इसे वक्त की जरूरत बताया। इंदिरा गांधी भवन में नए जमाने के हिसाब से हर सुविधाओं का ख्याल रखा गया है।

हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों में हालिया हार के बाद कांग्रेस का नया मुख्यालय पार्टी में नया जोश भरेगा। 1980 में देश की सत्ता में कांग्रेस की वापसी का जो दौर 24 अकबर रोड ने देखा था, कांग्रेस को उम्मीद है कि इंदिरा गांधी भवन भी उसके लिए कामयाबी और स्थिरता की नई इबारत लिखेगा।