सेंट्रल रेलवे ने फॉरेन टूरिस्ट (FT) कोटा के दुरुपयोग के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब भारतीय नागरिकों के बिना वैध दस्तावेजों के FT कोटा टिकट पर यात्रा करने के मामले सामने आए। मामला 4 फरवरी 2026 को ट्रेन संख्या 12296 संगमित्रा एक्सप्रेस में सामने आया, जहां कुछ भारतीय यात्री विदेशी पर्यटक कोटा के टिकट पर बिना जरूरी दस्तावेजों के यात्रा करते पाए गए।
इसके बाद सेंट्रल रेलवे ने भविष्य की FT कोटा बुकिंग का विस्तृत विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि 24 अप्रैल 2026 से 11 जून 2026 के बीच 31 ट्रेनों में FT कोटा के तहत 174 मूल PNR जारी किए गए थे। सेंट्रल रेलवे के टिकट जांच कर्मचारियों ने विशेष अभियान चलाकर FT कोटा टिकटों की सत्यता की जांच की। इस दौरान FT कोटा के दुरुपयोग से बुक किए गए 39 PNR पकड़े गए। कुल 121 यात्री अनियमित रूप से यात्रा करते पाए गए।
रेलवे नियमों के तहत इन यात्रियों पर कार्रवाई करते हुए 3,56,916 रुपये का जुर्माना वसूला गया। साथ ही, यात्रियों को बर्थ पर बैठने की अनुमति नहीं दी गई और वे सीटें RAC एवं वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को आवंटित कर दी गईं। रेलवे ने IRCTC से भी अतिरिक्त जानकारी मांगी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन बुकिंग्स में किसी अधिकृत एजेंट की भूमिका थी या नहीं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
सेंट्रल रेलवे ने कहा कि किसी अयोग्य कोटे में टिकट बुक कराना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। यात्रियों को यात्रा के दौरान अपने टिकट से संबंधित वैध पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि ऐसी किसी भी जानकारी को नजदीकी रेलवे कर्मचारी, हेल्पलाइन नंबर 139 या रेल मदद ऐप के जरिए साझा करें।
वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को छह राज्यों के 19 जिलों में रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी देने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं देश में कनेक्टिविटी बढ़ाने, संचालन क्षमता सुधारने और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान बनाने में मदद करेंगी।