मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने श्योपुर जिले के कूनो राष्ट्रीय उद्यान स्थित (केएनपी) कूनो नदी में घड़ियाल और कछुओं को छोड़ा और इसे वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यादव ने राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के तत्वावधान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय उद्यान के अंदर पालपुर किले के पास कूनो नदी में 53 घड़ियाल और 25 कछुओं को छोड़ा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि घड़ियाल और कछुओं की आबादी का संरक्षण और संवर्धन किया जा रहा है और राज्य सरकार लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए प्रयास कर रही है। यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल के तहत केएनपी में शुरू की गई चीता पुनर्वास परियोजना सफलता की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है।
ज्ञात हो कि बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों को शनिवार को राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ दिया गया, जिससे उनकी संख्या 48 हो गई। अधिकारियों के अनुसार, नदी में छोड़े गए घड़ियालों में से 28 नर और 25 मादा थीं। उन्होंने बताया कि छोड़े गए घड़ियाल गेवेलियस गेंगेटिक्स प्रजाति के हैं जबकि कछुए 'थ्री स्ट्रिप्ड रूफ टर्टल' प्रजाति के हैं, जिनका वैज्ञानिक नाम 'वाटागुरु डोगोका' है।
CM मोहन यादव ने कूनो नदी में 53 घड़ियाल और 25 कछुओं को छोड़ा
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