हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्ष के बीच एक सरकारी कार्यक्रम से समोसे और केक गायब होने का मामला ताजा विवाद का विषय बन हुआ है। पिछले महीने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सीआईडी मुख्यालय के दौरे के लिए शिमला के रेडिसन ब्लू होटल से मंगाए गए समोसे और केक उनके सुरक्षा कर्मचारियों को परोस दिए गए थे।
हालांकि समोसे और केक का मामला पिछले महीने हुआ था, लेकिन इस मामले पर सीआईडी की रिपोर्ट वायरल होने के बाद ये विवाद और बढ़ गया है। शुक्रवार को सीआईडी के डीजी एसआर ओझा ने कहा कि बिना वजह विवाद खड़ा किया जा रहा है।
उन्होंने शुक्रवार को कहा, "साइबर क्राइम विंग है सीआईडी के अंडर में और उसके डेटा सेंटर के उद्घाटन के लिए हमने सीएम को आमंत्रित किया था, जो चीफ गेस्ट थे हमारे और वो आए और उन्होंने उद्घाटन भी किया। उसके बाद हमारा प्रेजेंटेशन था, वो प्रेजेंटेशन हुईं, हमारी जितनी भी प्रपोजल थीं सीएम ने बड़े ध्यान से सुना और उचित कार्रवाई करने का निर्देश भी हमें दिया और हम लोग बहुत खुश थे और फिर जब संपन्न हो गया सही ढंग से सब कुछ, तो हम अपने चेंबर में बैठकर ऑफिसर्स के साथ चाय पी रहे थे। तब बात चली कि भाई वो दो आइटम मंगाए गए थे, वो रह गए, वो क्यों नहीं आए। तो वहां पर बात चली, तो हमने मौखिक बोला कि पता करिए, कोई जांच के आदेश नहीं किए और ये जो पता करने की बात को इतना बड़ा इश्यू बन गया, हमें जानकारी में भी नहीं था। एकदम से बात बढ़ गई। ये सीआईडी का पूरी तरह से अंदरूनी मामला है, न हमने किसी के खिलाफ नोटिस दिया, न किसी से जवाब मांगा और न ही हम कोई कार्रवाई कर रहे हैं किसी के खिलाफ। लेकिन बात का बतंगड़ बनाया गया और करबद्ध प्रार्थना है मीडिया भाइयों से और अन्य लोगों से कि भाई इसे राजनैतिक न किया जाए, इसे बढ़ावा न दिया जाए, ये पूरी तरह से सीबीआई का अंदरूनी मामला है और यहीं इसे खत्म किया जाए।"
हिमाचल प्रदेश में बीजेपी इस मुद्दे को तूल नहीं दे रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, समोसे गायब होने के मामले को सरकार के अधिकारियों ने 'सरकार विरोधी गतिविधि' करार दिया है, जिसका विपक्ष के नेता ने मजाक उड़ाया है।