बंगाल चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बंपर जीत के बाद पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हलचल तेज हो गई है। बांस-बल्लों से घेराबंदी की जा रही है। बड़ा मंच सजने लगा है और मजदूर तत्परता से काम में लगे हुए हैं। वजह बंगाल के चुनाव का परिणाम नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कैबिनेट का विस्तार और शपथ ग्रहण का होना है।
मंत्रिमंडल का विस्तार कब होगा और उस मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होंगे, इन सवालों पर अब लगभग विराम लग जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज दिल्ली से पटना लौट गए हैं। दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ लंबी बातचीत की है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की जेब में उन नामों की सूची है, जो बिहार सरकार के मंत्रिमंडल के नए चेहरे होंगे। सियासी गलियारों में चर्चा है कि 7 मई को नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण कराया जाएगा, लेकिन यह कार्यक्रम राजभवन में नहीं, बल्कि गांधी मैदान में किया जाएगा।
इस बार का कैबिनेट विस्तार महज संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि 2025 के मिशन की तैयारी माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो लिस्ट में तीन चीजों का खास ख्याल रखा जा सकता है। पहला जातीय संतुलन, जिसमें हर वर्ग को साधने की कोशिश की जाएगी। दूसरा, युवा बनाम अनुभव जिसमें पुराने दिग्गजों के साथ-साथ नए और तेजतर्रार चेहरों को मौका दिया जा सकता है। और तीसरा,महिला प्रतिनिधित्व जिसमें आधी आबादी को कैबिनेट में बड़ी हिस्सेदारी मिलने की पूरी उम्मीद है। फिलहाल पटना के गांधी मैदान की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।