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कोर्ट के आदेश के बाद, सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन में 150 पुलिसकर्मियों का छापा

तमिलनाडु में कोयंबटूर के ईशा फाउंडेशन में बुधवार को करीब 150 पुलिस अधिकारियों ने छापेमारी की। कोर्ट के आदेश के बाद दूसरे दिन भी पुलिस अधिकारियों ने अपनी जांच जारी रखी। ये छापेमारी मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर हो रही है। पुलिस की ये कार्रवाई आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव की संस्था ईशा फाउंडेशन के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों पर तमिलनाडु सरकार से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद की गई है।

कोयंबटूर के रियाटर प्रोफेसर एस. कामराज की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की पीठ ने तमिलनाडु सरकार को आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव की ईशा फाउंडेशन के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों पर रिपोर्ट देने को कहा था।

अपनी याचिका में कामराज ने आरोप लगाया कि उनकी दो बेटियों को कोयंबटूर में ईशा योग केंद्र में रहने के लिए ब्रेनवॉश किया गया और फाउंडेशन ने उन्हें अपने परिवारों से बात तक नहीं करने दी। याचिका के जवाब में ईशा फाउंडेशन ने इन आरोपों से इनकार किया कि वो भिक्षु बनने की वकालत करता है या लोगों से शादी करने के लिए कहता है। उन्होंने कहा कि ये उनकी खुद की इच्छा होती है।