विमानन कंपनी एअर इंडिया ने एआई 171 विमान दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को अंतिम मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया के तहत मुआवजा स्वीकार करने के इच्छुक लोगों को ये पक्का करना होगा कि वे भविष्य में विमानन कंपनी, मूल उपकरण निर्माताओं और सरकारी एजेंसियों के खिलाफ इस घातक दुर्घटना के संबंध में कोई दावा नहीं करेंगे। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एअर इंडिया अंतरिम मुआवजे के तौर पर प्रति मृतक 25 लाख रुपये का भुगतान करने की प्रक्रिया में है। यदि अंतिम मुआवजे की राशि अंतरिम मुआवजे के रूप में भुगतान की गई 25 लाख रुपये से कम होती है, तो उन परिवारों को प्रति मृतक अतिरिक्त 10 लाख रुपये की पेशकश की जाएगी।
इसके अलावा, टाटा समूह द्वारा स्थापित एआई-171 स्मृति और कल्याण न्यास द्वारा दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को प्रति मृतक एक-एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी जा रही है। अहमदाबाद से लंदन के गैटविक जा रहा एअर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान 12 जून, 2025 को उड़ान भरने के कुछ सेकंड के बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें सवार 241 यात्रियों समेत कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी।
एअर इंडिया ने गुरुवार को कहा कि ये सुनिश्चित किया जा रहा है कि परिवारों को दिया जाने वाला अंतिम मुआवजा ‘‘निष्पक्ष और कानून के अनुसार’’ हो।
विमानन कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये (प्रति मृतक) के प्रारंभिक अंतरिम भुगतान के बाद और एआई-171 स्मृति और कल्याण न्यास से एक-एक करोड़ रुपये के अनुग्रह राशि भुगतान की प्रक्रिया जारी होने के साथ अब एअर इंडिया ने अंतिम मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।’’
कंपनी ने रेखांकित किया कि अंतिम मुआवजे से संबंधित जानकारी प्रभावित परिवारों के साथ पारदर्शी तरीके से साझा की जा रही है। उसने बताया कि मान्यता प्राप्त उद्योग मानकों का पालन करते हुए, मुआवजे का भुगतान पूर्ण और अंतिम आधार पर किया जाता है ताकि इस प्रक्रिया का समापन हो।
सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक परिवार के लिए अंतिम मुआवजे की राशि विभिन्न कारकों पर निर्भर करेगी। सूत्रों ने बताया कि एक बार अंतिम मुआवजे की राशि तय हो जाने के बाद, संबंधित परिवार को ‘‘निस्तारण और क्षतिपूर्ति फॉर्म’ पर हस्ताक्षर करने होंगे, जिसके तहत ये स्वीकार किया जाएगा कि एयरलाइन और दूसरी संस्थाओं के खिलाफ भविष्य में कोई दावा नहीं किया जाएगा।
विमानन कंपनी ने बयान में कहा कि हर परिवार को दी जाने वाली राशि की गणना लागू कानूनी ढांचे का इस्तेमाल करके की गई है और ये व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग होती है। बयान में कहा गया, ‘‘अंतिम मुआवजा प्राप्त करने के लिए सहमत परिवारों से अनुरोध है कि वे पुष्टि करें कि एअर इंडिया या किसी और व्यक्ति, जिसमें मूल उपकरण निर्माता, हवाई अड्डा, सरकारी एजेंसियां शामिल हैं, के खिलाफ भविष्य में उनका कोई दावा नहीं है।’’
एअर इंडिया ने कहा,‘‘ये विशेष पहलू ये सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि प्रक्रिया वास्तव में अंतिम है, और भविष्य में एअर इंडिया को किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष दावे का सामना करने से रोकने के लिए भी ये जरूरी है।’’ इस बीच दुर्घटना के पीड़ितों के कुछ परिवारों ने विमानन कंपनी के खिलाफ कानूनी मंचों का रुख किया है।
AI171 विमान दुर्घटना: एयर इंडिया ने अंतिम मुआवजे की प्रक्रिया की शुरू
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