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'आतंकवादी आपकी जात नहीं, आपका धर्म पूछता है'- संत संसद 2026 में बोली साध्वी विष्णु प्रिया जी

जयपुर में आयोजित ‘संत संसद 2026’ में आस्था के साथ देशप्रेम का विशेष संगम देखने को मिला। इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन नेटवर्क 10 न्यूज चैनल द्वारा किया गया। शुरुआत में संतों ने अमर जवान ज्योति पर पहुंचकर शहीदों को नमन किया। वहीं, महिलाओं ने कलश यात्रा के जरिए संतों का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे और उन्होंने नेटवर्क 10 की इस पहल की सराहना की। 

इस विशेष कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय कथा विदुषी साध्वी विष्णु प्रिया जी भी शामिल हुई। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने समाज में बढ़ रहे जात-पात के भेदभाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हमें पहलगाम की उस घटना को याद करना चाहिए, जहां हमलावरों ने किसी से यह नहीं पूछा कि वह ब्राह्मण है, शूद्र, वैश्य या क्षत्रिय। उन्होंने सिर्फ यह पूछा कि वह हिंदू है या मुसलमान। अगर कोई नमाज नहीं पढ़ पाया, तो उसे बेरहमी से मार दिया गया। इससे यह साफ होता है कि जब हम आपस में बंट जाते हैं, तो हम कमजोर हो जाते हैं।

साध्वी जी ने भगवान श्रीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। अगर वे भेदभाव करते, तो माता शबरी की कुटिया में जाकर उनके हाथों से बेर नहीं खाते। लेकिन उन्होंने ऐसा करके यह दिखाया कि सभी लोग बराबर हैं। उन्होंने कहा कि अगर समाज इसी तरह जातियों में बंटा रहेगा, तो नुकसान होगा। “अगर हम बंटेंगे, तो कमजोर पड़ेंगे,” । अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी जात-पात से ऊपर उठकर एकजुट रहें और आपस में प्रेम और भाईचारा बनाए रखें।