असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को सिलचर का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कई राहत शिविरों का दौरा किया और बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलकर उनकी परेशानियों को समझने की कोशिश की।
कछार जिले के कुल 146 गांव अब तक बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। हालांकि बराक नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन जिले के कई इलाके अब भी पानी में डूबे हुए हैं। बाढ़ से बेघर हुए लोगों की मदद के लिए कछार जिले में 90 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां लगभग 18,000 बाढ़ प्रभावित लोग शरण लिए हुए हैं।
बाढ़ का पानी सिलचर-करीमगंज राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्सों में भी भर गया है। जिले के अलग-अलग व्यापारिक संगठन राहत प्रयासों में मदद के लिए आगे आए हैं। अलग-अलग संगठनों ने कछार के बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में कुल 1.2 करोड़ रुपये का दान दिया है।