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हर साल 21 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है World Meditation Day

मेडिटेशन या ध्यान एक ऐसी माइंडफुल टेक्निक है, जिसका अभ्यास करके मन को केंद्रित करने में मदद मिलती है। यह दिमाग को शांत करने और सभी नाकारात्मक भावनाओं को बाहर निकालने में मदद करता है। यह मेंटल डिटॉक्स के लिए एक बहुत लाभकारी तकनीक है। जब व्यक्ति मेडिटेशन का अभ्यास करता है, तो इससे तनाव कम होता है, फोकस बेहतर होता है और व्यक्ति हमेशा रिलैक्स रहता है। नियमित इसका अभ्यास करने के अनेक स्वास्थ्य लाभ हैं। लेकिन इसका सबसे बड़ा लाभ मेंटल हेल्थ को बूस्ट करना है, जिससे जुड़ी समस्याएं आजकल लोगों में लगातार बढ़ रही हैं। लोगों को इसका महत्व समझाने और जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 21 दिसंबर को दुनियाभर में विश्व मेडिटेशन दिवस मनाया जाता है।

ध्यान और इसके लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस के रूप में घोषित किया। मेडिटेशन हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में बहुत लाभकारी है। इसके महत्व को समाझाने और इसको लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए ही इस दिन की स्थापना की गई। यह प्राचीन तकनीक भावनात्मक संतुलन और मेंटल हेल्थ को दुरुस्त रखने में बहुत कारगर है।

हर साल विश्व मेडिटेशन दिवस का विषय अलग-अलग होता है। इस साल विश्व ध्यान दिवस 2024 की थीम " आंतरिक शांति, वैश्विक सद्भाव! " है। यह दिन ध्यान, शांति और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करके मनाने का एक वैश्विक आह्वान है। विश्व स्वास्थ्य दिवस की स्थापना वर्ष 1995 में की गई थी। उसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मेडिटेशन दिवस प्रत्येक वर्ष 21 घोषित किया। तब से हर साल इस दिन विश्व ध्यान दिवस मनाया जा रहा है।