उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को बेचैनी और सीने में दर्द की शिकायत के बाद शनिवार देर रात अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया। 73 साल के जगदीप धनखड़ को देर रात करीब दो बजे अस्पताल ले जाया गया। उप-राष्ट्रपति को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. राजीव नारंग की देखरेख में ‘क्रिटिकल केयर यूनिट’ (सीसीयू) में भर्ती कराया गया। उनकी हालत स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर रख रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा उनका हाल-चाल जानने एम्स पहुंचे।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को सीने में दर्द की शिकायत के बाद दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है। 73 वर्षीय धनखड़ को डॉक्टर राजीव नारंग के नेतृत्व में क्रिटिकल केयर यूनिट में निगरानी में रखा गया है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर करीबी नजर बनाए हुए है। उपराष्ट्रपति के स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी अस्पताल पहुंचे हैं। जगदीप धनखड़ अपनी स्पष्टवादी छवि और सक्रिय जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं। 73 साल की उम्र में भी उनकी कार्यशैली काफी प्रभावशाली है, विशेष रूप से राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान उनकी दक्षता देखी जाती है।
धनखड़ का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। उन्हें पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाए जाने के बाद उन्होंने खासा सुर्खियां बटोरी थीं। राज्यपाल रहते हुए उनका तत्कालीन सत्तारूढ़ दल टीएमसी के साथ टकराव अक्सर चर्चा का विषय बनता था। उनके इसी सख्त रुख और सक्रिय राजनीति के चलते उन्हें 2022 में उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया और वे इस पद पर निर्वाचित हुए।
धनखड़ ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1989 में जनता दल के टिकट पर झुंझुनू से चुनाव लड़कर की थी और सांसद बने थे। जनता दल में विभाजन के बाद वे देवेगौड़ा के गुट में शामिल हो गए थे। बाद में कांग्रेस में शामिल होकर उन्होंने अजमेर से चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थामा और किशनगढ़ विधानसभा सीट से विधायक बने। धनखड़ ने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और उनकी बेबाक छवि के कारण वे हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। फिलहाल उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना पूरे देश में की जा रही है.