दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े चेक बाउंस मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने उनके द्वारा शिकायतकर्ता कंपनी को की गई भारी भुगतान राशि को ध्यान में रखते हुए उनकी अंतरिम जमानत अगली सुनवाई तक बढ़ा दी। यह मामला जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा की पीठ के सामने आया। सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने बताया कि उन्होंने नियमित जमानत याचिका दायर कर दी है और पहले दी गई अंतरिम राहत आज समाप्त हो रही थी। उन्होंने यह भी बताया कि अभिनेता अब तक 4.25 करोड़ रुपये चुका चुके हैं और 25 लाख रुपये का एक और डिमांड ड्राफ्ट सौंपा गया है।
इस पर कोर्ट ने कहा, “आपने बड़ी रकम का भुगतान किया है, इसलिए आपको वापस जेल नहीं भेजा जा रहा,” और उनकी अंतरिम जमानत अगली तारीख तक बढ़ा दी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यादव से इस मामले में लिए गए कर्ज को लेकर सवाल किया, जिस पर उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने लोन लिया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि पहले कई मौके दिए गए थे, लेकिन बकाया पूरी तरह चुकाया नहीं गया।
राजपाल यादव ने कोर्ट को बताया कि 2016 में उन्हें करीब 10.40 करोड़ रुपये चुकाने का निर्देश दिया गया था और उन्होंने एक मित्र की 28 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी पेश किए थे। उन्होंने यह भी कहा कि आंशिक भुगतान करने के बावजूद शिकायतकर्ता बाकी रकम लेने के बजाय उन्हें जेल भेजना चाहता था। उन्होंने बताया कि उन्हें तिहाड़ जेल भी भेजा गया था, जहां वह करीब तीन महीने रहे। जेल जाने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि 22 करोड़ रुपये के निवेश वाली एक फिल्म परियोजना में उन्हें करीब 17 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
इससे पहले हाईकोर्ट ने 1.5 करोड़ रुपये जमा कराने के बाद 18 मार्च तक उनकी सजा पर रोक लगाई थी, साथ ही कुछ शर्तें भी लगाई थीं, जिनमें निजी मुचलका भरना और पासपोर्ट जमा करना शामिल था। यह मामला कई चेक बाउंस शिकायतों से जुड़ा है, जिनमें निचली अदालत ने अभिनेता को सजा सुनाई थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होगी, जिसमें मुख्य याचिका पर दलीलें सुनी जाएंगी।