हिमाचल प्रदेश में मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई है। 23 अगस्त के बाद राज्य में मानसून काफी कमजोर पड़ जाएगा। बिलासपुर और हमीरपुर के मैदानी इलाकों में करीब 12 से 13 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा चंबा, कांगड़ा, सोलन और मंडी के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हुई, जबकि बाकी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
अगले तीन दिनों तक राज्य के कुछ हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। बुधवार को भारी बारिश की संभावना को देखते हुए कांगड़ा और ऊना के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, ऊना और बिलासपुर में कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। 21 अगस्त को बारिश का दायरा और सीमित हो जाएगा। इस दौरान ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
IMD के मुताबिक, 23 अगस्त के बाद हिमाचल प्रदेश में किसी तरह की मौसम चेतावनी नहीं है। मानसून कमजोर रहेगा और केवल कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। अगले करीब 45 दिनों तक गंभीर मौसम की संभावना नहीं जताई गई है। मानसून की स्थिति की बात करें तो 1 जून से 18 अगस्त के बीच हिमाचल प्रदेश में सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में राज्य में सामान्य तौर पर करीब 535 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि करीब 500 मिमी बारिश दर्ज की गई।
जून में राज्य में सामान्य से करीब 35 प्रतिशत कम बारिश हुई थी, जबकि जुलाई में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं, 1 से 18 अगस्त के बीच बारिश करीब 8 प्रतिशत कम रही। बारिश की गतिविधियां 21 से 23 अगस्त के बाद तेजी से कम होने के कारण अगस्त में बारिश की कमी और बढ़ सकती है। IMD ने पहले भी अनुमान जताया था कि इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है और बारिश सामान्य से करीब 9 प्रतिशत या उससे कम रह सकती है।