मेटा ने मंगलवार को 'म्यूज' नाम का एक व्यक्तिगत एआई एजेंट लॉन्च किया। ये उन लोगों के लिए है, जिनकी उम्र 18 साल या उससे अधिक है और जो रोजमर्रा के कामों मसलन शेड्यूल बनाना, शॉपिंग करना और कंपनी के शब्दों में कहें तो "लंबे समय के लक्ष्यों को एक्शन प्लान में बदलना" में मदद चाहते हैं। इंस्टाग्राम और फेसबुक की पैरेंट कंपनी मोटा एजेंट के सुरक्षा और गोपनीयता के गुणों पर जोर दे रही है, जो अभी सिर्फ अमेरिका में उपलब्ध है। मेटा ने कहा कि 'म्यूज' एक खास, सुरक्षित वर्चुअल मशीन पर चलता है, जिसमें एजेंट और यूजर दोनों का डेटा होता है।
लोग 'म्यूज' नाम के अलग ऐप या व्हाट्सएप पर एजेंट को मैसेज कर सकते हैं। ये ईमेल भेजने या यात्रा बुक करने जैसे आसान काम कर सकता है, या फिर साल भर का एक्सरसाइज प्लान बनाने या नया बिजनेस शुरू करने जैसे बड़े और लंबे समय के लक्ष्य भी पूरे कर सकता है। मेटा ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, “जब कोई व्यक्ति 'म्यूज' के साथ अपना लक्ष्य शेयर करता है तो ये उन्हें एक पर्सनलाइज़्ड प्लान बनाने और अपने समय व संसाधनों को व्यवस्थित करने में मदद करता है और फिर काम को खुद आगे बढ़ाता है। ये ब्राउजर खोल सकता है, फॉर्म भर सकता है और उनकी ओर से बातचीत कर सकता है।”
टेक कंपनियां एआई एजेंट्स को चैटबॉट्स के बाद का अगला कदम बता रही हैं, जो सवालों के जवाब दे सकते हैं और जानकारी ढूंढ सकते हैं, लेकिन यूजर की तरफ से कोई काम नहीं करते। सबसे बुनियादी स्तर पर एक एआई एजेंट पारंपरिक, इंसानों द्वारा बनाए गए कंप्यूटर प्रोग्राम की तरह काम करता है, जो कोई काम करता है, मसलन कि किसी एप्लीकेशन को लॉन्च करना।
हालांकि, जब इसे एआई लार्ज लैंग्वेज मॉडल के साथ जोड़ा जाता है, तो ये ऐसी जानकारी खोज सकता है जिससे यह बिना साफ-साफ, स्टेप-बाय-स्टेप निर्देशों के भी काम पूरे कर सके। इसका मतलब है कि ये सिर्फ ईमेल का ड्राफ्ट तैयार करने में आपकी मदद करने के बजाय, असल में पूरी प्रक्रिया को संभाल सकता है, जैसे आपके सहकर्मी से मैसेज मिलना, ये समझना कि आप क्या कहना चाहते हैं और खुद ही उसका जवाब भेज देना।
मेटा के लिए ये एजेंट सीईओ मार्क जुकरबर्ग के एआई सुपरइंटेलिजेंस वाले उस विज़न का हिस्सा है जो "हर किसी" के लिए उपलब्ध होगा। उन्होंने पिछले महीने ऑनलाइन पब्लिश हुए 6,500 शब्दों के एक लेख में अपने इस विजन के बारे में बताया था। आलोचकों ने जुकरबर्ग के इस डॉक्यूमेंट को काल्पनिक बताकर मजाक उड़ाया, लेकिन इसमें उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी एक ऐसे दौर के लिए काम कर रही है, जिसमें हर किसी के पास नए बिजनेस शुरू करने, पीएचडी लेवल की कोचिंग पाने और पर्सनलाइज्ड लाइफस्टाइल टिप्स देने के साधन होंगे।
जुकरबर्ग ने लिखा, “हर किसी के पास एक बहुत काबिल पर्सनल एजेंट होगा जो आपको, आपके लक्ष्यों और उन सभी चीजों को समझेगा जिनकी आपको परवाह है। आपका एजेंट आपके रिश्तों, सेहत, करियर, फाइनेंस, घर के कामकाज, शौक और दूसरी चीजों को बेहतर बनाने के लिए आपके लिए 24/7 काम करेगा।” “इससे आपको उन कामों के लिए समय मिलेगा जो आपको पसंद हैं और आप सामान्य से अधिक काम कर पाएंगे।” ऐसे में सवाल ये है कि क्या लोग सच में इसका इस्तेमाल करेंगे?