अफ्रीका में इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते अगले सप्ताह नई दिल्ली में आयोजित होने वाला चौथा भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन स्थगित कर दिया गया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार, अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष और अफ्रीकी संघ आयोग के बीच हुई विस्तृत चर्चा के बाद मौजूदा परिस्थितियों में इस उच्चस्तरीय सम्मेलन और उससे जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन को फिलहाल टालने का फैसला लिया गया।
MEA द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि भारत और अफ्रीकी संघ ने अफ्रीका के कुछ हिस्सों में तेजी से बदलती स्वास्थ्य स्थिति पर विचार-विमर्श किया और सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों तथा प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने के लिए सहयोग जारी रखने को कहा है। इसमें Africa CDC और संबंधित राष्ट्रीय संस्थानों को सहयोग देने पर भी जोर दिया गया।
भारत ने इस स्वास्थ्य संकट के बीच अफ्रीकी देशों और वहां की जनता के साथ एकजुटता जताते हुए हर संभव सहायता देने की बात कही है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत, Africa CDC के नेतृत्व में चलाए जा रहे प्रयासों को रणनीतिक और आवश्यक सामग्री सहायता देने के लिए पूरी तरह तैयार है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि सम्मेलन और उससे जुड़े अन्य कार्यक्रमों की नई तारीखें आपसी परामर्श के बाद तय की जाएंगी और बाद में इसकी घोषणा की जाएगी।
बयान में भारत और अफ्रीका के बीच ऐतिहासिक और मजबूत संबंधों का भी उल्लेख किया गया। इसमें कहा गया, “भारत और अफ्रीका ने एकजुटता, पारस्परिक सम्मान, दक्षिण-दक्षिण सहयोग और शांति, विकास, समृद्धि एवं लोगों के कल्याण के साझा संकल्प पर आधारित अपनी दीर्घकालिक साझेदारी की पुष्टि की है।” यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कांगो और युगांडा में फैल रहे इबोला संकट को “पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न” (PHEIC) घोषित किया है। इस बार इबोला का संक्रमण “बुंडिबुग्यो” (Bundibugyo) वेरिएंट के कारण फैल रहा है। हालांकि यह 2014-16 के पश्चिम अफ्रीका महामारी फैलाने वाले “जायरे” (Zaire) स्ट्रेन जितना घातक नहीं माना जाता, फिर भी इसके संक्रमण और प्रसार को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बनी हुई है।