मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मथुरा की बंद पड़ी छाता चीनी मिल में एथेनॉल प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस परियोजना पर 200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे और प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.96 करोड़ लीटर होगी। गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने बताया कि यह एक्सटेंशन प्लांट साल में करीब 11 महीने संचालित होगा। उन्होंने कहा कि छाता चीनी मिल करीब 19 साल से बंद थी।
गन्ने के बाद मक्का और धान से भी बनेगा एथेनॉल
प्रस्ताव के तहत गन्ने की पेराई के सीजन के बाद मक्का और धान से भी एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। इससे प्लांट का सालभर बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और उत्पादन क्षमता का भी उपयोग बढ़ेगा।
नोएडा एयरपोर्ट के करीब होने का मिलेगा फायदा
छाता चीनी मिल की नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब 40 मिनट की दूरी को भी परियोजना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्षेत्र में गोदाम और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित किए जाने की संभावनाएं हैं। इस परियोजना से क्षेत्र में हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।