सोनम वांगचुक की नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार, 16 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। जस्टिस अरविंद कुमार और पीबी वराले की बेंच वांगचुक की पत्नी द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका पर विचार कर रही है, जिसमें उनकी रिहाई की मांग की गई है। केंद्र ने गिरफ्तारी को सही ठहराया है।
2025 में लेह में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद, हिंसा भड़काने के आरोप में वांगचुक को गिरफ्तार कर जोधपुर जेल में रखा गया है। केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि वांगचुक की हिरासत के बाद ही हालात सुधरे और उन्हें अभी रिहा नहीं किया जा सकता। सरकार ने दावा किया है कि वांगचुक स्वस्थ हैं और एम्स जोधपुर में उनकी मेडिकल जांच रिपोर्ट सामान्य रही है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र से उनकी हिरासत पर दोबारा विचार करने को कहा था। यह मामला लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और 6ठी अनुसूची की मांग से जुड़ा है।