Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दो बड़े संगीत कार्यक्रम होंगे। इनसे भारतीय खेल प्राधिकरण को राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी। इसके साथ-साथ स्टेडियम के विश्व स्तरीय खेल ढांचे, खास कर नए बिछाए गए 'मोंडो रनिंग ट्रैक' को सुरक्षित रखने की कवायद तेज है।
पिछले संगीत कार्यक्रमों के बाद एथलीटों और अधिकारियों ने गंदगी और नुकसान की शिकायतें की थीं। इसे देखते हुए, प्राधिकरण ने विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 से पहले लगाए गए सिंथेटिक ट्रैक की सुरक्षा के लिए मजबूत उपाय किए हैं। अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले हाई-परफॉरमेंस मोंडो ट्रैक्स को देश की प्रमुख एथलेटिक सुविधाओं में से एक माना जाता है।
स्टेडियम की तैयारियों की देखरेख कर रहे निधिन जोस ने पीटीआई वीडियो को बताया, "इस बार हम दोहरा भरोसा दे रहे हैं कि ऐसा कोई नुकसान न हो। पिछला अनुभव हमारे लिए एक सीख की तरह है।" सिंथेटिक ट्रैक को कई परतों से ढका जा रहा है। सामान्य क्षेत्रों में फोम और कालीन की दो परतें बिछाई जा रही हैं, जबकि भारी उपकरणों वाली जगहों पर सुरक्षा की चार परतें लगाई जा रही हैं।
प्राधिकरण ने साफ किया है कि कार्यक्रम के बाद सफाई की पूरी जिम्मेदारी आयोजक एजेंसियों की होगी। आयोजकों को 24 घंटे के भीतर परिसर साफ करना होगा। इसके लिए 'सिक्योरिटी डिपॉजिट' (सुरक्षा राशि) जमा कराई गई है। ट्रैक को किसी भी प्रकार का नुकसान होने पर भारी जुर्माना वसूला जाएगा।
2024 में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट के बाद खिलाड़ियों ने बुनियादी ढांचे और निजी उपकरणों को नुकसान की शिकायत की थी। इस पर स्टेडियम प्रशासक ने साफ किया कि स्टेडियम निजी उपकरणों को रखने के लिए अधिकृत नहीं है और न ही उन्होंने किसी को अपना सामान वहाँ छोड़ने की सलाह दी थी।
हालांकि, एहतियातन आगामी कॉन्सर्ट के लिए सभी खेल उपकरणों को बंद स्टोर रूम में रखा जाएगा, जहां आम जनता की पहुंच नहीं होगी।