दिल्ली के कई हिस्सों में मंगलवार तड़के हुई भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया और यातायात प्रभावित हुआ। सुबह 8:30 बजे समाप्त हुई 24 घंटे की अवधि में कई इलाकों में करीब 100 मिलीमीटर (मिमी) या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटे की अवधि में आयानगर में सबसे अधिक 101.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद रिज में 100.4 मिमी बारिश हुई। सफदरजंग में 99.1 मिमी और लोधी रोड में 98.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, मंगलवार सुबह आठ बजे तक पालम में 68 मिमी बारिश हुई।
शहर के कई हिस्सों से जलभराव की सूचना मिली, जिनमें लुटियंस दिल्ली की अशोका रोड, रायसीना रोड, राम मनोहर लोहिया अस्पताल के आसपास के इलाके, संसद मार्ग, बाबा खड़क सिंह मार्ग और कनॉट प्लेस शामिल हैं। एम्स और उच्चतम न्यायालय के आसपास भी जलभराव की सूचना मिली। जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चालकों को पानी के बीच से वाहन निकालते हुए देखा गया। भारी बारिश के बाद आईटीओ, मोती बाग, कमला नगर और करोल बाग समेत कई अन्य इलाकों में भी जलभराव देखा गया।
बारिश के कारण शहर के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई और आईएमडी के सभी पांच मौसम केंद्रों में तापमान सामान्य से नीचे रहा। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.9 डिग्री कम रहा। पालम में न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.3 डिग्री कम था। लोधी रोड में न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री कम रहा, जबकि रिज में 20.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.7 डिग्री कम था।
आयानगर में न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम रहा। सुबह नौ बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 100 रहा, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के राष्ट्रीय एक्यूआई मानकों के अनुसार, शून्य से 50 एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है।