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दिल्ली: AI समिट का PM ने किया उद्घाटन, कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आज (19 फरवरी) को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन कर दिया है. इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा, संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित कई देशों के प्रमुख और उद्योग जगत के दिग्गज शामिल रहे. इस दौरान अश्विनी वैष्णव ने तकनीक को हर तपके तक पहुंचाने की बात कही है.

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. इनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम समेत कई दिग्गज शामिल हुए हैं.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, “नमस्ते, इस शानदार शहर में, इस शानदार देश में हमारा स्वागत करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. प्रधानमंत्री जी, आपके द्वारा होस्ट किए गए इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट के लिए 2024 के अपने स्टेट विज़िट के बाद वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है.

उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में बहुत कुछ बदल गया है. 10 साल पहले, मुंबई में एक स्ट्रीट वेंडर बैंक अकाउंट नहीं खोल सकता था. कोई एड्रेस नहीं, कोई पेपर्स नहीं, कोई एक्सेस नहीं और आज वही वेंडर अपने फोन पर पेमेंट लेता है. मैक्रों ने कहा, “इंडिया ने कुछ ऐसा बनाया है जो दुनिया के किसी और देश ने नहीं बनाया है. 1.4 बिलियन लोगों के लिए एक डिजिटल आइडेंटिटी यही बनाई गई है. एक पेमेंट सिस्टम जो अब हर महीने 20 बिलियन ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस करता है. एक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर जिसने 500 मिलियन डिजिटल हेल्थ ID जारी किए हैं. वे इसे इंडिया स्टैक ओपन इंटरऑपरेबल सॉवरेन कहते हैं.

AI इम्पैक्ट समिट 2026 में केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा कि यह ग्लोबल साउथ का पहला और अब तक का सबसे बड़ा एआई शिखर सम्मेलन है. उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में 118 देशों की भागीदारी रही, जो इसे वैश्विक स्तर पर ऐतिहासिक बनाती है. आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि तकनीक का असली मूल्य तभी है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि सरकार का विजन तकनीक को लोकतांत्रिक बनाना, बड़े पैमाने पर लागू करना और सभी के लिए सुलभ बनाना है.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “हम कंप्यूट को एक पब्लिक गुड मानते हैं. पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप में, हमने एक कॉमन कंप्यूट प्लेटफॉर्म बनाया है, जहां हम अपने स्टार्टअप्स, एकेडेमिया, रिसर्चर्स और स्टूडेंट्स को बहुत ही सस्ते रेट पर 38,000 GPUs का एक्सेस दे रहे हैं. हम इस कॉमन कंप्यूट प्लेटफॉर्म में और 20,000 GPUs जोड़ेंगे.”

आगे कहा “जब हम AI के फ़ायदों का फ़ायदा उठा रहे हैं, तो हमें खतरों को कम करने के लिए मिलकर हल भी खोजने होंगे. AI के दिल में इंसानी सुरक्षा और इज्ज़त रखकर, हम पूरे भरोसे के साथ आगे बढ़ सकते हैं. साथ मिलकर, इस समिट के ज़रिए और सभी मिलकर की गई कोशिशों और हमारे प्रधानमंत्री के विज़न के ज़रिए, आइए हम इंसानों का, इंसानों द्वारा और इंसानों के लिए एक AI भविष्य बनाएं.”

टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज यहां होना और इस AI समिट में हिस्सा लेना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है. भारत AI को लेकर आशावादी लोगों का देश है. हमारा जोश हैरानी की बात नहीं है. भारतीयों ने बहुत बड़े डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोग्राम और वे क्या हासिल कर सकते हैं, यह देखा है दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल आइडेंटिटी सिस्टम, जिसमें 1.4 बिलियन लोग शामिल हैं. AI इम्पैक्ट समिट 2026 में दुनियाभर के कई दिग्गज शामिल हुए हैं. इनमें 110 से ज्यादा देश, 20 से ज्यादा देशों के प्रमुख, 30 अंतरराष्ट्रीय संगठन और 500+ दुनिया के AI लीडर शामिल हो रहे हैं. बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने पीएम मोदी से मुलाकात भी की थी.