Uttar Pradesh: साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार ने कमर कस ली है। जनता की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ करने वाले साइबर अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए यूपी पुलिस तैयार है। इसके तहत साइबर थानों में प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ आम लोगों को जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
यूपी सरकार ने विशेष साइबर कमांडो टीम का गठन किया है। इन कमांडोज़ को एसपीजी और एनएसजी कमांडो की तर्ज पर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। इस टीम में 15 पुलिसकर्मी शामिल हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का ही परिणाम है कि वर्ष 2017 से पहले जहां केवल दो साइबर थाने थे,वहीं अब राज्य के सभी 75 जिलों में साइबर थाने और हेल्प डेस्क स्थापित किए जा चुके हैं।
वहीं जन-जागरूकता अभियान के तहत प्रतिदिन किसी न किसी ग्राम पंचायत के लोगों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए जाते हैं। इसके साथ ही यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे शिकायत कैसे, कहां और किस तरह दर्ज करानी है, इसकी भी पूरी जानकारी दी जाती है।
साइबर अपराधियों से निपटने के लिए अब एडवांस्ड सॉफ्टवेयर, डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स, डेटा एनालिटिक्स सिस्टम और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। साफ है कि साइबर अपराधियों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा।