Breaking News

कांग्रेस ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश में घुसने दिया: BJP अध्यक्ष नितिन नवीन     |   UAE एयर डिफेंस सिस्टम ने 11 ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों-27 ड्रोनों को इंटरसेप्ट किया     |   'बीजेपी बंगाल बुरी तरह हार रही, दीदी हैं, दीदी रहेंगी’, अखिलेश यादव का X पोस्ट     |   देहरादून: आबकारी विभाग ने नियमों के उल्लंघन पर GenZ क्लब को नोटिस जारी किया     |   पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार कल चीन की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे     |  

PM मोदी ने CJI गवई से की बात, कहा- उन पर हमले से हर भारतीय नाराज

Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बी.आर. गवई से बात कर एक वकील द्वारा उन पर जूता फेंकने के प्रयास की निंदा की और कहा कि इस हमले से हर भारतीय नाराज है। उन्होंने कहा, “हमारे समाज में इस तरह के निंदनीय कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है।” उन्होंने घटना के बाद शांति बनाए रखने के लिए गवई की प्रशंसा की।

मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी आर गवई जी से बात की।आज सुबह उच्चतम न्यायालय परिसर में उन पर हुए हमले से हर भारतीय नाराज है। हमारे समाज में ऐसे भर्त्सनायोग्य कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है। यह पूरी तरह से निंदनीय है।”

उन्होंने कहा, “मैं ऐसी स्थिति में न्यायमूर्ति गवई द्वारा प्रदर्शित धैर्य की सराहना करता हूं। यह हमारे संविधान की भावना को मजबूत करने और न्याय के मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” एक चौंकाने वाली सुरक्षा चूक में न्यायालय में सोमवार को कार्यवाही के दौरान 71 वर्षीय एक वकील ने सीजेआई गवई की ओर जूता उछालने की कोशिश की।

भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) ने आरोपी वकील का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी के कब्जे से एक नोट मिला जिस पर नारा लिखा था, “सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।”

अदालती कार्यवाही के दौरान और उसके बाद हुई इस अभूतपूर्व घटना से अविचलित रहे प्रधान न्यायाधीश ने अदालत के अधिकारियों और अदालत कक्ष में मौजूद सुरक्षाकर्मियों से कहा कि वे इसे नजरअंदाज करें और राकेश किशोर नामक दोषी वकील को चेतावनी देकर छोड़ दें।