मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र का मोरना कस्बा... जहां सोमवार की सुबह खौफ और चीख-पुकार के साथ शुरू हुई। 60 वर्षीय दलित किसान राम प्रसाद, जो कल तक अपनों के बीच था, आज उसकी लाश घर के आंगन में खून से सनी मिली। गर्दन पर कुल्हाड़ी या धारदार हथियार के गहरे निशान बता रहे थे कि हत्यारा नफरत और जूनून से भरा हुआ था... रात 2 बजे तक राम प्रसाद जिंदा था। उसने अपनी पत्नी चंद्रकाली के साथ पानी पिया और फिर सोने चले गया। पत्नी को ठंड लगी तो वो पास ही छजली के नीचे लेट गई। लेकिन सुबह जब आंख खुली, तो पति की लाश जमीन पर पड़ी थी...मृतक की पत्नी की मानें तो उसे किसी पर शक नहीं है।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल खुद भारी पुलिस बल और एसओजी की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल पर मिले खून के धब्बे और साक्ष्यों ने पुलिस की जांच को एक खास दिशा में मोड़ दिया है...फॉरेंसिक टीम को मौके से ऐसे साक्ष्य मिले हैं जो सीधे तौर पर घर के ही किसी सदस्य की ओर इशारा कर रहे हैं। कातिल ने मर्डर करने के बाद घर के ही नल या सिंक पर हाथ धोए...
पत्नी का ये बयान पुलिस के लिए पहेली बन गया है। आखिर बगल में सो रही पत्नी को कत्ल की भनक क्यों नहीं लगी? क्या उसे गहरी नींद के लिए कुछ दिया गया था या कातिल इतना शातिर था कि उसने बिना शोर मचाए खेल खत्म कर दिया...फिलहाल पुलिस के शक की सुई घर के ही लोगों के इर्द-गिर्द घूम रही है। क्या ये संपत्ति का विवाद है या कोई पुरानी रंजिश? पुलिस का दावा है कि जल्द ही कातिल की गर्दन कानून के शिकंजे में होगी...