Breaking News

अलीगंज अग्निकांड: 87 दिन बाद पुलिस ने दाखिल की 500+ पन्नों की चार्जशीट     |   2017 से पहले भर्ती में भेदभाव था, अब प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी: CM योगी     |   एशियन गेम्स: भारत को शूटिंग में मिला दूसरा सिल्वर, इलावेनिल वलारिवन ने 10 मीटर एयर राइफल में किया कमाल     |   एटा-कासगंज में सपा ने भंग की जिला इकाइयां, जिलाध्यक्ष भी हटाए     |   गाजियाबाद: फर्नीचर शोरूम-गोदाम में भीषण आग, 8 दमकल गाड़ियां मौके पर     |  

अलकायदा से जुड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा, आजमगढ़ से 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश एटीएस ने आतंकवाद और कट्टरपंथी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आजमगढ़ से 19 वर्षीय मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया है। एटीएस के मुताबिक, नबील प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) की विचारधारा से प्रभावित होकर सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ग्रुप्स के जरिए युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहा था।

जांच एजेंसी के अनुसार, नबील जम्मू-कश्मीर समेत देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों में मौजूद लोगों के संपर्क में था। वह कथित तौर पर युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने, उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करने और नेटवर्क के लिए धन जुटाने की कोशिश कर रहा था।

सोशल मीडिया के जरिए फैला रहा था आतंकी विचारधारा

यूपी एटीएस के मुताबिक, आजमगढ़ के दीदारगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला मोहम्मद नबील सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई एन्क्रिप्टेड ग्रुप चला रहा था। इन ग्रुप्स में आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़ी विचारधारा और अन्य आपत्तिजनक सामग्री साझा किए जाने की बात सामने आई है। एटीएस का दावा है कि नबील इन ऑनलाइन ग्रुप्स के जरिए भारत के अलावा दूसरे देशों के लोगों को भी जोड़ रहा था। उसका कथित उद्देश्य युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित करना और उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करना था।

व्हाट्सऐप ग्रुप में कोडवर्ड का इस्तेमाल

जांच के दौरान नबील के मोबाइल फोन से ‘ला गालिब-इलल्लाह’ नाम का एक व्हाट्सऐप ग्रुप मिलने की बात सामने आई है। एटीएस के अनुसार, ग्रुप में बातचीत के दौरान कुछ शब्दों के लिए कथित तौर पर कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जाता था।

जांच एजेंसी के मुताबिक, ‘जेहाद’, ‘चाकू’, ‘केमिकल’ और ‘प्लान’ जैसे शब्दों के लिए क्रमशः ‘ट्रिप’, ‘पेन’, ‘जूस’ और ‘प्रोजेक्ट’ जैसे कोडवर्ड इस्तेमाल किए जा रहे थे। एटीएस ग्रुप की बातचीत और इन कोडवर्ड के आधार पर नेटवर्क की गतिविधियों की जांच कर रही है। एटीएस की जांच में कुछ ऐसी किताबों का भी जिक्र सामने आया है, जिन्