छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुछ छात्र इन दिनों एक नई गतिविधि कर रहे हैं। उनके मुताबिक ये न सिर्फ मनोरंजक है, बल्कि उनके भविष्य के लिए भी उपयोगी है। ये छात्र स्वावलंबी छत्तीसगढ़ योजना के तहत चुकंदर, पालक, लाल अमरंथ और दूसरे प्राकृतिक सामानों से होली के लिए हर्बल गुलाल बना रहे हैं।
20 छात्रों की टीम ने चार रंगों - हरा, गुलाबी, पीला और त्वचा के टोन में दो क्विंटल गुलाल बनाने के लिए 20,000 से 25,000 रुपये का निवेश किया है। इन रंगों की मांग ज्यादा होती है। इस पहल से कमजोर तबके के छात्रों की मदद भी हो सकती है।
ये गुलाल पर्यावरण के अनुकूल है। इसे बनने में चार से पांच दिन लगते हैं। छात्रों का कहना है कि इस गतिविधि से उन्हें वास्तविक जीवन में कौशल का प्रशिक्षण मिल रहा है, जो निश्चित रूप से भविष्य में उनकी मदद करेगा। इस साल होली 14 मार्च को मनाई जाएगी।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में छात्र बना रहे हैं हर्बल गुलाल
You may also like
कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देगी सरकार, 37500 करोड़ रुपये की योजना को दी मंजूरी.
रायपुर के जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे छत्तीसगढ़ CM विष्णु देव साय.
Chhattisgarh: कांकेर में डी-माइनिंग के दौरान आईईडी ब्लास्ट, डीआरजी के 3 जवान हुए शहीद.
Chhattisgarh: संदीप पाठक के बीजेपी में जाने से नाराज हैं AAP कार्यकर्ता, उन्हें 'गद्दार' बताया.