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सहकारिता के जरिए यूपी में आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत, किसानों और छोटे उद्यमियों की राह हुई आसान

Uttar Pradesh: सहकारिता के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कोऑपरेटिव बैंक, किसानों और छोटे उद्यमियों के लिए आत्मनिर्भरता की राह आसान कर रहा है। जरूरतमंदों को आसानी से लोन मिल जाता है, जिससे वो अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकते हैं। 2025 में यूपी के सहकारी बैंकों ने 23,061 करोड़ रुपए से ज्यादा का ऋण वितरित किया। साथ ही बैंक का शुद्ध लाभ भी 100 करोड़ रुपए के पार पहुंच गया।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और युवा उद्यमी विकास योजना के तहत उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक सब्सिडी के साथ ब्याज मुक्त लोन दे रहे हैं। साथ ही चयनित व्यवसाय की ट्रेनिंग में भी मदद कर रहे हैं। किसान परिवार के अमेठी निवासी सूरज तिवारी को डेयरी के लिए सहकारी बैंक से लोन मिला। पहली किश्त से सूरज ने तीन गाय खरीदी थी। दूध के व्यापार से उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है।

अमेठी के ही रहने वाले नीरज विश्वकर्मा को भी मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के जरिए सहकारी बैंक से लोन मिला। अब वो अपने पिता के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर फर्नीचर की दुकान चला रहे हैं। साथ ही यूपी सरकार, सहकारिता व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए भी प्रयास कर रही है। जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में बड़ा क़दम माना जा रहा है।