दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने के हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अब तक 12 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि 7 लोगों की मौत हो चुकी है। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर जनरल नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि मलबे से एक और व्यक्ति को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। आशंका है कि वह व्यक्ति बेहोश हो सकता है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।
बुंदेला ने बताया कि इमारत गिरने के तुरंत बाद राज्य की मशीनरी सक्रिय हो गई थी। मौके पर एनडीआरएफ की दो टीमें तैनात हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। एनडीआरएफ के रेस्पॉन्स टाइम के बारे में उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में सूचना मिलने के 20 मिनट के भीतर एनडीआरएफ की टीम को अपने बेस से रवाना होना होता है। देशभर में कई स्थानों पर एनडीआरएफ की टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड में तैनात रहती हैं।
उन्होंने कहा कि मलबा अभी भी काफी मात्रा में मौजूद है, इसलिए बचाव अभियान पूरा होने में कितना समय लगेगा, यह कहना मुश्किल है। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरे दिन जारी रहने की उम्मीद है। फिलहाल मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए स्निफर डॉग्स की मदद भी ली जा रही है। एनडीआरएफ के अधिकारी ने यह भी कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मलबे में कितने लोग और फंसे हो सकते हैं। बचाव अभियान लगातार जारी है।