दिवाली के त्योहार को देखते हुए योगी सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता और जनसुविधाओं को लेकर विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की जाएगी। त्योहार से पहले, आयोजन के दौरान और दिवाली के बाद भी सफाई अभियान जारी रहेगा। सरकार ने ग्राम पंचायतों को समय से सभी जरूरी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए हैं, ताकि गांवों में त्योहार के दौरान स्वच्छ और साफ वातावरण बना रहे।
मंदिरों और पूजा स्थलों की होगी विशेष सफाई
दिवाली के अवसर पर गांवों के शिवालयों, देवी मंदिरों और अन्य पूजा स्थलों की विशेष सफाई कराई जाएगी। मंदिर परिसरों के साथ आसपास के रास्तों और सार्वजनिक स्थानों को भी साफ रखा जाएगा।
इसके अलावा नदियों, तालाबों, पोखरों और अमृत सरोवरों के घाटों पर भी सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सफाई कर्मचारियों की विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए फॉगिंग
त्योहार के दौरान बीमारियों की रोकथाम पर भी ध्यान दिया जाएगा। डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए गांवों में जलभराव वाले स्थानों और कूड़े के ढेरों को हटाया जाएगा। जरूरत के अनुसार फॉगिंग और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया जाएगा।
ग्राम पंचायतों को जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर समस्या का स्थायी समाधान करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे मच्छरों के पनपने और मच्छरजनित बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।
आरआरसी केंद्रों पर जमा होगा दिवाली का कचरा
दिवाली के आयोजन के बाद निकलने वाले कचरे का सही तरीके से निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों में बने आरआरसी यानी कचरा संग्रहण केंद्रों पर अपशिष्ट पदार्थ जमा कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य है कि त्योहार के बाद भी गांवों के सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैले।
भीड़ वाले स्थानों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था
ग्राम पंचायतों को हैंडपंप चालू रखने और पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सफाई मशीनों और अतिरिक्त श्रमिकों की व्यवस्था के लिए ग्राम पंचायतें वित्त आयोग से मिली धनराशि का इस्तेमाल कर सकेंगी।
रोजाना शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
निदेशक पंचायती राज धीरेंद्र सिंह सचान ने बताया कि अभियान की निगरानी के लिए जिला पंचायत राज अधिकारियों और मंडलीय उपनिदेशकों को जिम्मेदारी दी गई है। ग्राम पंचायतों में सफाई, घाटों की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं से जुड़ी गतिविधियों की रिपोर्ट रोजाना शासन को भेजी जाएगी। सरकार का उद्देश्य दिवाली के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और बेहतर जनसुविधाएं सुनिश्चित करना है।