Breaking News

चक्रवात मुरासु के कारण आंध्र प्रदेश में उखड़े पेड़     |   यूपी में आज बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा     |   जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में भूकंप के झटके, 3.1 रही तीव्रता     |   'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' के नारे के साथ सड़कों पर उतरेगी BJP, यूपी के 6 क्षेत्रों में पदयात्रा     |   ट्रंप प्रशासन को SC से झटका, कैलिफोर्निया के 20 हजार बैलेट गिनने पर रोक की मांग खारिज     |  

हरिद्वार में हर की पौड़ी समेत 12 जगहों पर गंगाजल अशुद्ध, पीने के लायक भी नहीं

Haridwar: उत्तराखंड के हरिद्वार में हर की पौड़ी समेत 12 स्थानों पर गंगा के पानी की गुणवत्ता बी श्रेणी तक गिर गई है। इस गिरावट के मायने ये हैं कि गंगाजल को बिना ट्रीटमेंट को पीया नहीं जा सकता। हालांकि गंगा स्नान करने से कोई खतरा नहीं है। अधिकारी इस गिरावट का कारण नदी में मानव मल और औद्योगिक कचरे को फेंकना मानते हैं। उनका मानना है कि इससे गंगा सफाई के काम पर बुरा असर पड़ रहा है और साथ ही जल भी प्रदूषित हो रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा के पानी की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है क्योंकि यह नीचे की ओर बहती है। यह देखते हुए कि परीक्षण आमतौर पर उन स्थानों के पास आयोजित किए जाते हैं जहां सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट जैसे प्रदूषक नदी में मिलते हैं।

गंगा नदी के पानी की गुणवत्ता का बी श्रेणी में गिरना प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण उपायों की तत्काल आवश्यकता को उजागर करता है। ये कार्रवाइयां पानी की गुणवत्ता में सुधार और सभी उपयोगों के लिए नदी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुत जरूरी हैं।