नेपाल में एक बार फिर आम जनता पर महंगाई की मार पड़ी है। सरकार ने डीजल के दाम में 30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है, जिसके बाद अब इसकी कीमत 234 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इस फैसले का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ेगा, जिससे जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने की आशंका है।
नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन (NOC) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति लागत में इजाफे को इस बढ़ोतरी की वजह बताया है। अधिकारियों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और क्षेत्रीय तनाव के चलते ईंधन की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। डीजल की कीमत बढ़ने से सबसे ज्यादा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ता है, जिससे बस, ट्रक और अन्य मालवाहक वाहनों के किराए में बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर सीधे तौर पर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि खाने-पीने से लेकर रोजमर्रा के सामान तक सब कुछ महंगा हो सकता है।
विपक्षी दलों और आम नागरिकों ने इस बढ़ोतरी को लेकर सरकार की आलोचना शुरू कर दी है। उनका कहना है कि पहले से ही महंगाई झेल रही जनता पर यह एक और बोझ है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आई, तो आने वाले समय में पेट्रोल और अन्य ईंधनों के दाम में भी इजाफा हो सकता है। ऐसे में सरकार के सामने महंगाई को नियंत्रित करने की चुनौती और बढ़ गई है।