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नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा भड़की, 3 लोगों की मौत; कई इलाकों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू

नेपाल के दक्षिणपूर्वी तराई-मधेस क्षेत्रों जैसे कोशी और मधेस प्रांत में दो समुदायों के बीच हुई सांप्रदायिक झड़प के बाद हिंसा फैल गई है। ये क्षेत्र भारत की सीमा से सटा हुआ है और पिछले कुछ वर्षों में यहां जबरदस्त तरीके से डेमोग्राफिक परिवर्तन हुए हैं। सुनसरी जिले से शुरू हुआ यह विवाद धनुषा, सिराहा और सप्तरी जैसे जिलों तक पहुंच गया है जिसमें पुलिस फायरिंग और हिंसक झड़पों के दौरान अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कई शहरों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा कर दिया है।

दंगे को काबू में करने के लिए भारी संख्या में नेपाली पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाली सेना को बड़ी संख्या में तैनात किया गया है। ताजा मौत सिराहा की औरही ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड 2 के रहने वाले 17 वर्षीय गणेश यादव की हुई जिन्हें गुरुवार दोपहर गोलबाजार में झड़प के दौरान गोली लगी थी। इससे पहले दिन में सुनसरी में रविवार की हिंसा में गंभीर रूप से घायल हुए 20 वर्षीय जया प्रकाश मेहता की विराटनगर के न्यूरो अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। अशांति तब शुरू हुई जब रविवार रात सुनसरी में दो समुदायों के बीच टकराव के दौरान देवांगंज ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड 3 के रहने वाले 24 वर्षीय ओम प्रकाश मेहता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

पुलिस मुख्यालय ने कहा कि सुरक्षा बलों को भीड़ को नियंत्रित करने के उपायों जैसे आंसू गैस और लाठीचार्ज को प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया है साथ ही सामुदायिक नेताओं, स्थानीय प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों के साथ बातचीत बनाए रखने को भी कहा गया है। यह विवाद सुनसरी जिले के देवानगंज ग्रामीण नगरपालिका (कप्तानगंज) में दो धार्मिक समूहों के कार्यक्रमों के दौरान लाउडस्पीकर और झंडे के इस्तेमाल को लेकर शुरू हुआ था। पुलिस कार्रवाई और झड़पों में अब तक तीन लोगों ओम प्रकाश मेहता, जय प्रकाश मेहता और गणेश यादव की जान जा चुकी है। यह अशांति सुनसरी से निकलकर मधेस प्रांत के गोलबाजार, जनकपुर और आसपास के इलाकों तक फैल गई जहां वाहनों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया।